गाय आधारित प्राकृतिक खेती के लाभ

शून्य बजट वाली प्राकृतिक खेती किसानों के लिए एक वरदान है

गौ आधारित प्राकृतिक खेती के जन्मदाता सुभाष पालेकर को माना जाता है

देसी गाय को प्राकृतिक खेती का मुख्य आधार माना है

इस विधि से किसानों की लागत बहुत कम आती है

प्राकृतिक खेती में कीटनाशकों की जगह गोबर की खाद, कम्पोस्ट, जीवाणु खाद, फ़सल अवशेष जैसे पोषक तत्व का प्रयोग किया जाता है

प्राकृतिक खेती में प्रकृति में उपलब्ध जीवाणुओं, मित्र कीट और जैविक कीटनाशक द्वारा फ़सल को हानिकारक जीवाणुओं से बचाया जाता है

प्राकृतिक खेती के अंतर्गत देशी गाय का गोबर और मूत्र खेतो में उपयोग करने से भूमि की उपजाऊ बढकर लम्बे समय तक बरक़रार रहती है

1 देशी गाय से लगभग 10 एकड़ से भी अधिक खेत में प्राकृतिक खेती किया जा सकता है

देशी खाद के प्रयोग से मिट्टी में उपस्थित मित्र कीट पहले से और अधिक सक्रीय होते जाते हैं जो खेत की मिट्टी में अपना घर बनाकर मिट्टी को मुलायम और उपजाऊ बनाते है

पर्यावरण की दृष्टि से इस विधि से भूमि के जलस्तर में वृद्धि होती है

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