हरी मटर की खेती कैसे करें! बोने की विधि, बीज, खाद, कीटनाशक, लागत, मुनाफा की सम्पूर्ण जानकारी

सर्दियों में मटर की खेती एक प्रमुख दलहनी फसल है

सर्दियों के सीजन में हरी मटर की डिमांड बहुत अधिक रहती है.

मटर का उपयोग भोजन के रूप में जैसे- दाल बनाने, सब्जियाँ बनाने, चुरा-मटर बनाने, नमकीन बनाने के काम में लिया जाता है.

मटर की खेती के लिए 25 अक्तूबर के बाद से लेकर नवंबर महीने तक का मौसम बहुत ही अच्छा होता है

मटर के बीजों को अंकुरित होने के लिए 20 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान अच्छा होता है

मटर के फलियों में भरपूर दाने पड़ने के लिए 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तापमान बहुत ही लाभदायक होता है

चिकनी तथा बलुई मिट्टी जिसका PH मान 6 से 7.5 हो मटर के अच्छे उत्पादन के लिए बहुत ही उत्तम होती है

मटर की उन्नत किस्में- अर्कल, रचना, काशी शक्ति,पंजाब 88, पंत मटर 155, एपी-3, मालवीय मटर-2, अर्ली बैजर, आजाद मटर-3, आजाद मटर-1

मटर की बुआई से पहले 1 ट्राली गोबर की सड़ी खाद, 30 किलो यूरिया, 35 किलो DAP प्रति एकड़ डालनी चाहिए

मटर की बुआई के लिए बीज की मात्रा 1 बीघे खेत में 35 से 40 किलो बीज की आवश्यकता होती है

मटर का बीजोपचार- 3 से 5 ग्राम बाविस्टिन या थिरम से प्रति किलो मटर के बीज को उपचारित करना चाहिए

मटर की बुआई खेत में छीटाई करने के बाद रोटावेटर से खेत की जुताई करनी चाहिए. या कुदाल से लाइन खींचकर भी मटर की बुआई करते हैं

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