गेहूं में खरपतवार नाशक दवा कब डालें किसान

गेहूं की बूआइ करने के 20 दिनों के बाद तमाम तरह के खरपतवार निकल आते हैं.

और समय रहते यदि खेत से इन्हें नहीं निकाला जाय तो इसकी वजह से गेहूं की फसल कमजोर हो जाती है.

ऐसे में किसान खरपतवारनाशी दवाओं का प्रयोग करते हैं.

परन्तु गेहूं की फसल में खरपतवारनाशी दवाओं का स्प्रे करने का एक निश्चित समय होता है जिसे ध्यान में रखना चाहिए.

गेहूं के फसल को खरपतवार से बचाने के लिए यदि संभव हो तो बुवाई के तुरंत बाद पेण्डीमिथेलीन 1 किलोग्राम / हेक्टयर की दर से छिड़काव करना चाहिए.

पेण्डीमिथेलीन का छिड़काव करने से संकरी एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार को उगने से रोका जाता है.

यदि गेहूं की खड़ी फसल में खरपतवार उग आये तो चौड़ी पत्ती एवं संकरी खरपतवार के लिए सल्फोसल्फूरान5 ग्राम / हेक्टयर की दर से फहली सिंचाई के 1० दिन बाद स्प्रे करनी चाहिए.

सिंचाई करने के बाद जब भी किसान गेहूं में दवा का स्प्रे करें इस बात का ध्यान रहे की गिले खेत में न करें बल्कि जब पैर सहने लायक हो तब छिडकाव करें.

परन्तु गेहूं की खड़ी फसल में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार हों तो 2, 4 – डी 0.5 किलोग्राम / हेक्टयर की दर से बुवाई के 30 से 35 दिन बाद छिड़काव करनी चाहिए.

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