tamatar ki dawai! टमाटर में झुलसा रोग, गलन रोग, लीफ माइनर से फसल की बचाव और तरीके

टमाटर की फसल में झुलसा रोग बहुत ही खतरनाक बीमारी है। टमाटर में यदि एक बार यह बीमारी लग गई तो इस रोग से टमाटर को बचाना मुश्किल हो जाता है.

और कुछ ही दिनों में टमाटर का पूरा खेत झुलसा रोग से ग्रसित हो जाता है.

टमाटर की खेती सर्दियों तथा गर्मियों में की जाती है बारिश में टमाटर की खेती नहीं कि जाती है, और टमाटर में झुलसा रोग की बात करें तो यह गर्मियों और सर्दियों दोनों मौसम में लगती है.

अगर टमाटर की फसल को सबसे अधिक नुकसान होता है तो वह है झुलसा रोग, गर्मियों में तो यह रोग कम लगता है परन्तु सर्दियों में टमाटर में झुलसा की समस्या अधिक देखने को मिलती है.

टमाटर में लगने वाले इस झुलसा रोग से फसल को बचाने के लिए कृषक को समय रहते tamatar mein jhulsa rog ki dava का स्प्रे करना चाहिए। और टमाटर के पौधे की देखभाल करते रहना चाहिए.

टमाटर में झुलसा रोग से हैं परेशान तो ऐसे करें उपचार

टमाटर में झुलसा रोग लगने की वजह

टमाटर की खेती में यह खतरनाक रोग मुख्य रूप से 3 कारण से होता है.

  1. अधिक सर्दी पड़ने या पाला पड़ने पर
  2. मौसम अधिक गर्म होने पर
  3. बेमौसमी बारिश होने पर

इन्हीं 3 कारणों से टमाटर में झुलसा रोग लगने की पूरी संभावना रहती है। तो चलिए tamatar me jhulsa rog लगने की इन वजह के बारे में विस्तार से जानते हैं.

टमाटर में सर्दियों में झुलसा रोग

सर्दियों के मौसम में टमाटर में झुलसा रोग की समस्या अधिक होती है क्योंकि कभी-कभी हफ्तों तक या इससे भी अधिक दिन तक कोहरा छाया रहता है.

और कोहरा छाए रहने से पौधों को धूप नहीं मिल पाता है, तथा सारा दिन ओस भी फसलों पर बारिश की तरह पड़ा रहता है। ऐसी स्थिति में झुलसा जैसे भयानक रोग का आगमन होता है.

इसके अलावा 15 जनवरी के बाद जब सर्दियाँ खत्म होने को होती हैं तो उस समय दिन में धूप के साथ तेज हवाएं चलती हैं और इन हवा में नमी बहोत अधिक होती है. तथा इन्हीं ठंड हवाओं के कारण शाम से लेकर पूरे रात पाला पड़ता है.

और इस पाले को टमाटर की फसल सहन नहीं कर पाती है. फिर रातों रात पूरी फसल झुलसा रोग से ग्रसित हो जाती है जिससे किसान को भारी नुकसान होता है.

गर्मियों में टमाटर का अगेती झुलसा रोग

मई के महीने में जब बहोत तेज धूप निकलती है और दोपहर के समय गर्म हवा लू बनकर चलती है तो इस दौरान फफूंद का प्रकोप बढ़ जाता है फिर टमाटर में झुलसा रोग लग जाता है.

इसलिए गर्मी में 1 दिन के अंतराल पर सिंचाई करना चहिये जिससे टमाटर के पौधे को गर्म हवा का असर कम होता है और झुलसा रोग लगने की संभावना थोड़ी कम हो जाती है.

बेमौसम बारिश से टमाटर में झुलसा रोग

कभी-कभी गर्मियों में और सर्दियों में आँधी-तूफान और बारिश हो जाती है. और टमाटर की फसल बारिश को सहन करने में सक्षम नहीं रहती है.

ऐसे में गर्मी हो या जाड़ा(सर्दी) इन सीजन में जो बारिश होती है वह बेमौसम बारिश होती है और यह बारिश कुछ फसलों के लिए तो अमृत के समान होती है लेकिन tamatar ki kheti के लिए जहर का काम करती है.

टमाटर में झुलसा रोग के लक्षण

Tomato me jhulsa rog का लक्षण यह है कि शुरुआत में टमाटर के ऊपरी भाग हरे भरे रहते हैं लेकिन नीचे जमीन की सतह से पत्तियां काले पड़ने शुरू ही जाते हैं.

किसान को पता ही नहीं होता कि उनकी फसल में झुलसा रोग का आक्रमण हो चुका है उनको पता तब चलता है जब ऊपर की पत्तियां काले पड़ते हैं। और जब तक किसान को टमाटर में झुलसा रोग के बारे में पता चलता है उनकी पूरी फसल संक्रमित हो चुकी होती है.

टमाटर में झुलसा रोग की दवा(tamatar mein jhulsa rog ki dawa)

टमाटर में झुलसा रोग फफूंद के कारण होता, फफूंदी के कारण ही टमाटर में झुलसा रोग, धब्बा रोग, फलों का झड़ना, नर्सरी में छोटे पौधे का गलना इत्यादि रोग लगते हैं.

अन्य फसलों की तरह टमाटर की फसल में तरह-तरह के रोग लगते हैं और उनसे फसल को बचाने के लिए किसान रासायनिक दवाओं का छिड़काव करते हैं.

तो ऐसे में किसान को चाहिए कि महीने में एक बार मेरिवान 10ml दवा प्रति 15 लीटर पानी मे घोल बनाकर टमाटर के पौधों पर स्प्रे करना चाहिए। या लूना एक्सपीरियंस 15ml दवा को 15 लीटर पानी मे मिलाकर छिड़काव करना चाहिए.

टमाटर में लीफ माइनर की दवा

टमाटर की खेती में लीफ माइनर भी एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है यह लीफ माइनर एक तरह का बहुत छोटा कीट होता है जो टमाटर की कोमल पत्तियों में सुरंग मनाकर रहती है. इस कीट से टमाटर की फसल को बचाने के लिए बायो AK 57 का 1ml dawai 15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करना चाहिए.

FAQ:

Q: टमाटर में कौन-कौन सी बीमारी आती है?

ANS: झुलसा रोग, धब्बा रोग, फलों का झड़ना, नर्सरी में छोटे पौधे का गलना, उखटा कवक, टमाटर का विल्ट इत्यादि.

Q: टमाटर में कौन सी दवा डालना चाहिए?

ANS: टमाटर में फूल आने के लिए शाइन, टमाटर के फटने के लिए बोरान, कीड़े के लिए महारथी, झुलसा के लिए मेरिवान, सफेद मक्खी के लिए इमिडा का स्प्रे करनी चाहिए.

Q: टमाटर की खेती कितने दिन की होती है?

ANS: रोपाई से लेकर 120 से 150 दिन की होती है.

Q: टमाटर में झुलसा रोग की दवा बताइए?

ANS: मेरिवान, लूना एक्सपीरियंस या ब्लूकापर.

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