E prime mover! सौर ऊर्जा वाली यह मशीन किसानों के बजट को करेगी जीरो

E prime mover किसानों के खर्चे को करेगी zero, जाने कैसे- पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों से किसान ही नहीं आम पब्लिक भी परेशान है. किसानों की बात करें तो उनके लिए पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से कृषि कार्य भी बहुत महंगे होते जा रहे हैं. लेकिन अब किसान भाइयों को बिल्कुल घबराने की की जरुरत नहीं है.

जैसा की आप सब जानते हैं की कृषि के क्षेत्र में नए-नए कृषि उपकरण आते रहते हैं और इसी बीच भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल की ओर से सौर ऊर्जा से चलने वाला e-Prime Mover बनाया जा चूका है.यह मशीन किसान के लिए काफी लाभदायक होगा और इससे उनके बहोत से कृषि कार्य फ्री में हो जायेंगे.

E prime mover किसानों के खर्चे को करेगी zero, जाने कैसे

सौर ऊर्जा चालित ई-प्राइम मूवर मशीन क्या है

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती महंगाई को देखते हुए अब इलेक्ट्रिक की जगह सौर उर्जा से चलने वाले कृषि यंत्रों का अविष्कार हो चूका है. हाल ही में केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल के वैज्ञानिक डा. मनोज कुमार त्रिपाठी ने सौर उर्जा से चलने वाले solar powered e prime machine का अविष्कार किया है.

इस कृषि यंत्र से किसान अपने खेतों में लगे फसलों की निराई, गुड़ाई और दवा का छिड़काव तो कर ही सकते हैं साथ ही और बहुत से काम इस यंत्र से किया जा सकता है. चूँकि यह मशीन सौर उर्जा से चालित होगा अतः इसके लिए किसी भी अन्य बहरी ईंधन की जरूरत नहीं पड़ेगी, और इसका उपयोग दिन में ही किया जायेगा.

ई-प्राइम मूवर मशीन के खास बातें

इसमे ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है
एक बार चार्ज होने के बाद 3 घंटे तक बिजली जलती है
इस मशीन के उपयोग से पर्यावरण सुरक्षित रहेगा
इससे किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं होता है
इसे कोई भी महिला या पुरुष चला सकते हैं
2 कुंतल तक अनाज ले जाया जा सकता है

e prime mover से होगी निराई-गुड़ाई

इस मशीन से 1 एकड़ से लेकर सवा एकड़ खेत की जुताई तथा निराई और गुड़ाई लगभग 5 घंटे में किया जा सकेगा. इसमे किसी भी प्रकार की ईंधन की आवश्यकता नहीं होगी जिससे पैसे तो बचेंगे ही साथ ही फसलों की निराई-गुड़ाई करने के लिए लेबर की भी बचत होगी.

कीटनाशकों का होगा छिड़काव

फसलों पर कीटनाशकों का छिडकाव करने के लिए किसानों को पैसे खर्चा करके स्प्रे मशीन खरीदनी होती थी और कुछ मशीने तो ऐसी होती थी की उन्हें चालू करने के लिए पेट्रोल या डीजल की आवश्यकता होती थी. लेकिन अब ई-प्राइम मूवर कृषि यंत्र से किसान अपनी फसलों में दवा का छिड़काव भी कर सकते हैं. इस यंत्र से किसान 1 घंटे में लगभग 1 एकड़ फसलों में कीटनाशकों का छिड़काव कर सकते हैं.

जला सकेंगे घरों में बिजली

दिन में खेतों में काम करने के बाद इसके बैटरी को एक बार फुल चार्ज करने के बाद रात में इसके बैटरी से एल. ई. डी. वल्ब भी जला सकते हैं. यदि इसकी बैटरी फुल चार्ज होती है तो 3 घंटे तक बिजली जला सकते हैं.

बोझा धोने के आएगा काम

कभी-कभी खेतों में फसलों की कटाई मड़ाई करने के बाद अनाज को घर लेकर जाना होता है. ऐसे में यह मशीन बहुत ही काम आने वाली है, solar powered e prime mover machine का उपयोग जुताई, निराई और गुड़ाई तथा दवा स्प्रे के आलावा बोझा धोने के लिए भी उपयोग में लिया जा सकता है. इस मशीन से लगभग डेढ़ से 2 क्विंटल तक के वजन बहुत आसानी से लाया जा सकता है.

FAQ:

Q: ई-प्राइम मूवर उपकरण किसने बनाया ?

ANS: डा.मनोज कुमार त्रिपाठीने.

Q: ई-प्राइम मूवर मशीन कहाँ बनाया गया ?

ANS: केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल में.

Q: ई-प्राइम मूवर यंत्र कृषि में किस प्रकार सहायक है ?

ANS: इस मशीन से किसान खेतों की जुताई, फसलों की निराई, गुड़ाई, दवा का छिड़काव, बिजली जलाना और बोझा धोने के लिए उपयोग कर सकते हैं.

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