सरसों की खेती | सरसों की फसल में पोषण प्रबन्धन एवं देखभाल

दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं षरद ऋतु में बोई जाने वाली सरसों की खेती, सरसों की फसल में पोषण प्रबन्धन एवं देखभाल के बारे में, सरसों रबी की तिलहनी प्रमुख फसल है, सरसों की खेती में सिमित सिचाई करके अधिक उपज लिया जा सकता है.

सरसों की फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए 15 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है. और यदि सरसों की खेती का समय के बात करें तो अक्टूबर का महीना सरसों की बुआई का उचित समय होता है. सरसों की फसल से एक साथ कई लाभ होते हैं जसे- सरसों का तेल खाने तथा फलों के परीक्षण, मालिश करने इत्यादि में काम आता है, और सरसों की कटाई के बाद इनके तनो को ईंधन के रूप में तथा झोपड़ी बनाने के काम आता है, इसके साथ हरी सरसों तथा सरसों से तेल निकालने के बाद सरसों की खली का उपयोग पशुओं को चारे के काम आता है.

सरसों के पौधे का चित्र, सरसों की फसल में पोषण प्रबन्धन एवं देखभाल

हमारे देश में राई की खेती/सरसों की खेती बहुत कम की जाती है इसलिए सरसों के तेल का दाम बढ़ता ही चला जा रहा है, इसलिए किसानों को उन्नत सस्य क्रियाओं को अपनाकर सरसों की उन्नत खेती को बढ़ावा देना चाहिए. ऐसे में किसान हाइब्रिड सरसों की खेती करके सरसों की फसल से अच्छी पैदावार ले सकते हैं. सरसों की खेती असिंचित क्षेत्रों तथा सिंचित क्षेत्रों दोनों स्थानों पर किया जा सकता है.

सरसों की फसल में उर्वरकों का उपयोग

सितम्बर महीने के अंतिम सप्ताह में ही सरसों की खेती की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, और खेत की गहरी जुताई करके कुछ दिनों के लिए छोड़ देना चाहिए. इसके बाद बुवाई से पहले अंतिम जुताई के समय प्रति हैक्टर की दर से 50-60 कुन्तल गोबर की सड़ी हुई खाद या मुर्गियों की 30 कुंतल खाद, 120 किलोग्राम यूरिया की आधी मात्रा तथा 50 किलोग्राम फास्फोरस तथा 50 किलोग्राम पोटाश की पूरी मात्रा को खेत में मिला देना चाहिए. इसके बाद यूरिया की बची हुई आधी मात्रा को सरसों की बुआई के 30 दिन बाद खड़ी फसल में देना चाहिए.

हाइब्रिड सरसों की वैरायटी(Sarso ki hybrid variety) hybrid mustard varieties in india

उन्नत किस्मेंबीज दर/एकड़पौधों की लम्बाईफसल कटाईउपज/एकड़तेल की मात्रा
PIONEER-45S351.300 k.g.5 फिट105 दिन में10 से 12 कुंतल40%
PIONEER-45S421 k.g.160 से 180 सेंटीमीटर125 से 130 दिन में12 से 13 कुंतल42%
PIONEER-45S461.300 K.G.190 सेंटीमीटर125 से 130 दिन में12 से 13 कुंतल42%
JULIE1.5 K.G.180 सेंटीमीटर130 से 135 दिन में10 से 12 कुंतल42%
SHRIRAM-16661.300 K.G.170 सेंटीमीटर125 से 130 दिन में12 से 13 कुंतल40%
PA-52101.5 K.G.180 सेंटीमीटर130 से 135 दिन में10 से 12 कुंतल41%
P-52221 k.g.180 सेंटीमीटर125 से 130 दिन में10 से 12 कुंतल42%

हाइब्रिड सरसों की खेती से लाभ(Benefits of hybrid mustard cultivation)

सरसों की सामान्य प्रजाति की तुलना में हाइब्रिड प्रजाति की सरसों में उत्पादन काफी ज्यादा होता है. जहाँ प्रति हेक्टेयर खेत में नार्मल प्रजाति की सरसों की पैदावार 10 से 12 क्विंटल की पैदावार होती है, वहीं प्रति हेक्टेअर हाइब्रिड सरसों में 30 से 35 कुंतल उत्पादन होता है. हाइब्रिड सरसों की प्रजाति बुआई के लिए 4 से 5 किलो ग्राम बीज प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होती है. सरसों की हाइब्रिड प्रजाति में 2 सिंचाई काफी कम (2 या 3 सिंचाई) करनी पड़ती हैं. जिससे पानी की बचत होती है.

सरसों के फसल की देखभाल

  • सरसों से अधिक उपज लेने के लिए 25 किलो/एकड़ यूरिया का बुरकाव करना चाहिए.
  • फूल आने की अवस्था में सरसों की खड़ी फसल में सिंचाई अवश्य करें.
  • तना गलन रोग से सरसों की फसल को बचाने के लिए मंकोजेब 2 ग्राम/लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करें.
  • सरसों की फसल में माहू लगने पर इमिडाक्लोरोपिड 1ml/लीटर पानी घोल बनाकर छिडकाव करें.
  • फसल को खरपतवार से मुक्त रखें.
  • खरपतवारों के कारण सरसों की उपज में 50% प्रतिशत तक की कमी हो जाती है.
  • सरसों की बुआई बहुत घना न करें नहीं तो पौधे कमजोर हो जाते हैं.

तो आज की इस पोस्ट में बस इतना ही, आज हमने जाना कि सरसों की फसल में पोषण प्रबन्धन एवं देखभाल कैसे करे, सरसों की खेती से कमाई, सरसों की फसल कितने दिन में तैयार होती है और हाइब्रिड सरसों की वैरायटी कौन-कौन से है. तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में बस इतना ही मिलते हैं आपसे अगली पोस्ट में तब तक के लिए “जय जवान जय किसान”.

FAQ. पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर

Q. सरसों/राई का वैज्ञानिक नाम

A. ब्रेसिका कम्प्रेसटिस(Brassica juncea).

Q. राई की उन्नत किस्में

A. PIONEER-45S35, PIONEER-45S42, SHRIRAM-1666, सी.एस.-56 आदि.

Q. सरसों के बीज मूल्य

A. 8,427.00 से 8,610.00 तक.

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