नीलगाय क्या होती है | नीलगाय किसे कहते हैं | नील गाय क्या खाती है

नीलगाय क्या होती है | नीलगाय किसे कहते हैं | नील गाय क्या खाती है, nilgai kaisi hoti hai

नीलगाय किसे कहते हैं | नील गाय कैसी होती है | नीलगाय क्या होती है | नीलगाय को इंग्लिश में क्या कहा जाता है | नीलगाय कौन सी प्रजाति है | गिर गाय कितने महीने तक दूध देती है | नील गाय का चित्र | नील गाय के थन कितने होते हैं | nilgai kaise hoti hai | नील गाय का दूध

गाँव में किसान भाइयों द्वारा पाले जाने वाले गाय की तरह ही नीलगाय भी होते हैं लेकिन गाय की तुलना में यह थोड़े बड़े और अधिक फुर्तीले होते हैं. यह भाग-दौड़ करने में गाय की अपेच्छा अधिक फुर्तीले तथा तंदरुस्त रहते हैं. यह जंगली जानवर पहले तो जंगली एरिया में तथा पहाड़ी इलाकों में अपना बसेरा करते थे. लेकिन बढ़ती आबादी की वजह से अब पहाड़ो तथा जंगल जैसे स्थानों पर भी मनुष्य रहने लगे हैं, जिसके कारण अब ये गाँव में भी बहुतायत मात्रा में देखने को मिलते हैं.

नीलगाय का वैज्ञानिक नाम Boselaphus Trogcamelus है. और इसे अग्रेजी में blue Bull के नाम से जाना जाता है. और गाँव के लोग इस जंगली पशु को लीलीगाय या घड़रोज इत्यादि नाम से भी जानते हैं. एक तरह से नीलगाय है तो पशु ही लेकिन यह जो मल का त्याग करते हैं वह बकरियों के मल की तरह बड़े आकार में होती है.

नीलगाय क्या होती है

नीलगाय मुख्यतः 2 रंग के होते है. मादा neel ghay भूरे रंग यानी गेहुआं रंग की होती है. इनकी सिर पर सिंघ नहीं होती है जबकि नर नीलगाय मोटे तथा काले रंग के होते हैं. और इनके दो नोंकदार खतरनाक सिंघ होते हैं. लेकिन ये स्वभाव के बहुत सरल होते हैं ये सिंग होते हुए भी किसी प्राणी को बेवजह हानि नहीं पहुंचाते हैं. लेकिन ये किसानों के खेत में लगे सभी तरह के फसलों को बुरी तरह से बर्बाद करते हैं. इनकी एक खासियत होती है की यह जहाँ भी रहते हैं, झुण्ड में काफी मात्रा में रहते हैं और अपनी कान तथा पूंछ को हिलाते हुए चारो और नजर रखे हुए रहते हैं. और किसी मनुष्य को देखकर उस स्थान से दूसरी जगह जाने लगते हैं.

नील गाय कैसे रहता है

वैसे तो ये रात के समय जब किसान अपने खेत से सोने के लिए अपने घर चले जाते हैं तब फसलों को खाने के लिए निकलते हैं. लेकिन अब ये दिन के समय भी अपनी भूख मिटाने के लिए फसलों को खाने के लिए निकलने लगे हैं. जब ये दौड़ते है तो अन्य पशुओं की तुलना में इनकी चाल काफी अलग और अटपटा होती है. यह एक ऐसा जंगली जानवर है जो बहुत दिन तक बगैर पानी पिए ही जीवित रह सकते हैं. वैसे तो यह 12 महीने देखने को मिलते हैं लेकिन बारिश के मौसम में ये थोड़े कम दिखाई देते हैं.

बारिश में नीलगाय गहरे घने जंगल झाड़ियों में छुपकर रहते हैं क्योंकि इन दिनों मादा नीलगाय के पेट में बच्चे होते हैं. और बच्चे के जन्म तक ये झाड़ियों में ही रहना पसंद करते हैं. जब बारिश ख़त्म होती है और सर्दियाँ शुरू होती हैं तब ये अपने बच्चो को जन्म देती हैं. अक्तूबर नवम्बर महीने में नीलगाय के साथ इनके छोटे बच्चे दिखाई देते हैं. नीलगाय होते तो गाय की तरह हैं लेकिन इनके जो दूध देने के स्तन या थन होते है वह 2 होते हैं.

नीलगाय की खास बातें

इनकी एक खास बात यह है की यह जिस भी स्थान पर अपने मल का त्याग करते हैं उन स्थानों पर ये अपना डेरा बना लेते हैं. गाँव के किसान का यह अनुमान होता है की जिस किसान के खेत में यह अपना मल त्याग करते हैं उस खेत में इनका हमला ज्यादा होता है. ऐसे में यदि किसी किसान भाई के खेत में ये अपना मल त्यागते हैं तो किसान इनके मल को पानी में घोलकर झाड़ू या नीम की टहनियों से फसलों पर छिडकाव करते हैं. और देखा गया है की कुछ हद तक यह क्रिया करने से नीलगाय उस खेत में नहीं जाते हैं.

नीलगाय की मैथुन क्रिया

नीलगाय में प्रजनन की क्रिया अधिकांश सर्दियों के मौसम में होता है. मैथुन क्रिया होने के बाद नर और मादा अलग-अलग झुण्ड बनाकर रहने लगते हैं. तथा एक नर नीलगाय कम-से-कम दो मादा नीलगाय पर अपना हक जताता है. यह इनका अपना नियम होता है. बारिश ख़त्म होने के बाद ही ये अपने बच्चों को पैदा करती हैं. इसका मुख्य कारण यह होता है की ऐसे मौसम में झाड़ियाँ और घास-फूस काफी अधिक और घने तथा हरे-भरे हो जाते हैं जिससे इनके छोटे बच्चे इनमे आसानी से छुप सकें. मादा नीलगाय किसी भी नीलगाय के बच्चे को अपना ही बच्चा मानती है. और कोई भी बच्चा किसी के भी पास जाकर भूख लगने पर दूध पी लेते हैं. इनमे किसी भी तरह का कोई मतभेद नहीं होता है. नीलगाय से पैदा हुई बच्चों को झुण्ड की सभी मादा नीलगाय मिलजुलकर पालती हैं.

नील गाय कितने दिन में बच्चा देती है

मनुष्य की तरह nilgai भी 9 महीने में अपने बच्चे को जन्म देती है और अपने बच्चे को दूध पिलाती है.

नील गाय 1 दिन में कितना दूध देती है?

पालतू गाय और भैंस की तरह नील गाय के भी 2 थन होते हैं. अपने बच्चे के जन्म के कुछ ही समय बाद ये दूध पिलाना शुरू कर देती है. नीलगाय पुरे दिन में लगभग 3 लीटर से भी ज्यादा दूध देती है. नीलगाय का दूध केवल इनके बच्चे ही पीते हैं, इसलिए इनके छोटे बच्चे जन्म से ही बहुत फुर्तीले होते हैं तथा भाग-दौड़ बहुत तेजी से करते हैं.

नील गाय और गाय में क्या अंतर है?

नीलगाय आवारा व जंगली पशु है जबकि गाय एक पालतू पशु है. नीलगाय का दूध हमारे किसी काम नहीं आता है जबकि गाय का दूध मनुष्य पिने के लिए उपयोग किरते हैं.

FAQ

Q1- नील गाय के कितने थन होते हैं ?

ANS- 2 थन.

Q2- नील गाय किसकी प्रजाति है?

ANS- बोसलाफिनी, बोविनी और ट्रेजलाफिनी.

Q3- नील गाय का वैज्ञानिक नाम क्या है?

ANS- scientific name of nilgai(Boselaphus Trogcamelus)

Q4- नील गाय कैसे बोलती है?

ANS- नीलगाय पालतू भैंस की तरह रंभाती है.

Q5- नीलगाय को अंग्रेजी में क्या बोले हैं?

ANS- blue Bull.

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