राष्ट्रीय बांस मिशन-2023 | बांस की खेती पर सब्सिडी कितनी है, कैसे मिलेगा लाभ

राष्ट्रीय बांस मिशन (National Bamboo Mission) के अंतर्गत सरकार की तरफ से बांस की खेती (Bamboo Farming) करने पर 50% तक की सब्सिडी मिलती है. नेशनल बैंबू मिशन के तहत अगर किसान बांस के 1000 पौधे की रोपाई करते हैं तो उन्हें 1,20,000 रुपये की सब्सिडी मिल सकती है.

राष्ट्रीय बांस मिशन क्या है?

किसानों द्वारा खेती में लगने वाली लागत को कम करने के लिए सरकार खाद, बीज, सिंचाई व अन्य फसलों की खेती पर सब्सिडी जैसी योजनायें लाती रहती है. ऐसे में मध्य प्रदेश की सरकार किसानों को बांस की खेती की ओर अग्रसर करने के लिए राष्ट्रीय बांस मिशन (National Bamboo Mission) योजना चला रही है. इस योजना के तहत किसान बाँस की खेती से अधिक कमाई कर सकें इसके लिए सरकार द्वारा 50 फीसदी सब्सिडी दी जाती है. मध्य प्रदेश में मनरेगा के तहत स्वयं सहायता समूह की मदद से बांस के पौधे का रोपनी कराया गया.

राष्ट्रीय बांस मिशन-2023 बांस की खेती पर सब्सिडी कितनी है, कैसे मिलेगा लाभ

बांस मानव जीवन में क्यों उपयोगी है?

गरीबी में रहने वाले आम लोगों के लिए बांस से बनाई गई सभी चीजें एक आवश्यक सामग्री हैं. बाँस का उपयोग व्यापक रूप से उद्योग में कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जाता है. जिस कारण बांस की मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है. तो चलिए जानते हैं की बांस के पेड़ से क्या बनता है.

वाद्य यंत्र के रूम में बांसुरी, और वायलिन, खेती के यंत्र, चारपाई, खटिया, टोकरी, कुर्सी, चटाई, सजावटी वस्तुएं, डलिया, कागज, अचार, मुरब्बा इत्यादि सामग्री बनाने के काम में बाँस का इस्तेमाल किया जाता है.

बांस का क्या क्या उपयोग होता है?

  • बांस के अंकुर का उपयोग भोजन बनाने के लिए किया जाता हैं.
  • इसका उपयोग चिकित्सालय में भी होता है.
  • घर या मकान बनाते समय बांस का उपयोग होता है.
  • पुल बनाने समय बंधाई के लिए बांस लिया जाता है.
  • किसान कुदाल या फावड़ा में बाँस का उपयोग करते हैं.
  • गरीब लोग रहने के लिए बांस से झोपड़ी बनाते हैं.

भारत में बांस की खेती कहां होती है?

भारत में बांस का पहला सबसे बड़ा उत्पादक असम को माना जाता है. और बांस का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य मध्यप्रदेश को माना जाता है. इसके अलावा भारत में बांस की खेती कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, नागालेंड, मिजोरम, उत्तर प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा में किया जाता है.

बांस की खेती के लिए बंजर जमीन भी है उत्तम

बांस की खेती उपजाऊ जमीन ही नहीं बल्कि इसे वर्षों से खाली पड़े बंजर भूमि में भी लगाया जा सकता है. यदि किसान चाहें तो अपनी उपजाऊ भूमि में फसलों की खेती और अनुपजाऊ भूमि में बांस की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. साथ ही किसान अपने सब्जियों की खेती के चारो तरफ बांस लगाकर अपने खेत की सुरक्षा भी कर सकते हैं और बाँस की खेती भी करके दोहरा लाभ कम सकते हैं.

बांस की खेती पर कितनी मिलेगी सब्सिडी

बांस की खेती के लिए किसानों को राष्ट्रीय बांस मिशन (National Bamboo Mission) के अंतर्गत सरकार की तरफ से 50 हजार रूपये का अनुदान मिलता है. अगर छोटे किसान कम क्षेत्र में इसकी खेती करते हैं तो तो उन्हें प्रति पौधा 120 रूपये की सब्सिडी दी जाती है. परन्तु यदि किसान नेशनल बैंबू मिशन के बांस के 1000 पौधे की रोपाई करते हैं तो उन्हें 1,20,000 रुपये की सब्सिडी मिल सकती है.

बांस की खेती के लाभ
  1. बांस की रोपाई बार-बार नहीं करनी पड़ती है.
  2. खेतों में एक बार बांस को लगाने के बाद 30 से 40 साल तक कमाई होती रहती है.
  3. इसमें रोग, कीट, मौसम की मार, आंधी-तूफान से कोई खतरा नहीं होता है.
  4. अन्य फसलों की अपेच्छा इसमें अधिक लाभ होता है.
  5. यह बहुत जल्दी तैयार होने वाली खेती है.
  6. खेत के चारो तरफ बांस लगाने से इसकी जड़ों से मिट्टी का कटाव रूकता है.
  7. बांस का पौधा हवा को शुद्ध करता है.
बांस के पौधे पर सब्सिडी कैसे प्राप्त करें?

बांस की खेती के बारे में अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के सम्बंधित कृषि विभाग अधिकारी संपर्क कर सकते हैं. साथ ही राष्‍ट्रीय बांस मिशन की आधिकारिक वेबसाइट nbm.nic.in पर जाकर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है. इसके अलावा राष्ट्रीय बांस मिशन (National Bamboo Mission) के तहत सभी जिले में नोडल अधिकारी बनाया गया है. किसान अपने नोडल (Nodal) अधिकारी से संपर्क करके योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

FAQ=

प्रश्न1- भारत में बांस का सबसे बड़ा उत्पादक कौन है?

उत्तर- असम.

प्रश्न2- बांस कितने साल में उगता है?

उत्तर- बांस का पौधा 3-4 साल में तैयार हो जाता है.

प्रश्न3- एक बांस की कीमत कितनी है?

उत्तर- बांस के एक पौधे की कीमत 240 रुपये.

प्रश्न4- भारत में बांस का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन सा है?

उत्तर- मध्यप्रदेश.

प्रश्न5- राष्ट्रीय बांस मिशन योजना कब शुरू हुई?

उत्तर- राष्ट्रीय बांस मिशन योजना 2006-07 में एक केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में कृषि मंत्रालय के तहत शुरू किया गया था.

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