[2022] साथी योजना क्या है | किसान की मृत्यु के बाद कितने पैसे मिलते हैं

[2022] साथी योजना क्या है | किसान की मृत्यु के बाद कितने पैसे मिलते हैं

राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत 23 फरवरी 2022 को बजट पेश किया गया जिसमें बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला. बीते वर्ष में इस योजना में 2 हजार करोड़ का बजट लागू था. लेकिन इस योजना से अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके इस उद्द्देश्य से वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह राशी 2 हजार करोड़ से बढ़ाकर 5 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया है. इस बजट को किसानों के हित के लिए 11 सब योजनाओं पर खर्च करने का प्रावधान है.

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1 मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना Highlights

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना Highlights

योजना का नामराजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना
किसके द्वारा लांच हुईराजस्थान सरकार
शुरुआत कब हुई24 फरवरी 2021
अपडेट कब हुई23 फरवरी 2022
लाभार्थीराज्य के सभी किसान
योजना का उद्देश्यकिसान के साथ दुर्घटना होने पर आर्थिक सहायता
सहायता की राशि5000 से 200000 तक
वेबसाइटअभी नहीं है
आवेदन प्रक्रियाऑफलाइन
बजट2 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 5 हजार करोड़ रुपए हुआ है

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना कब शुरू हुई?

सर्वप्रथम 24 फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार के द्वारा लांच किया गया था. कृषि कार्य को करते समय किसानों के साथ तमाम प्रकार की छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं. और और बहुत से किसान आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण अच्छे से अपना इलाज नहीं करवा पाते थे.

लेकिन अब सरकार के इस साथी योजना के तहत 15 साल की आयु से लेकर 70 साल की आयु के बीच के किसानों को कोई भी कृषि काम करते समय उनके साथ यदि कोई दुर्घटना होती है तो ग्रसित किसान को 5 हजार से लेकर 2 लाख रूपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी. और किसान की मृत्यु होने पर बीमा भी प्रदान की जाती है.

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना की विशेषता

खेतीबाड़ी में अधिकांश काम मशीनों के द्वारा किये जाने लगे हैं. जहाँ पहले खेतों की जुताई बैल और हल से किया जाता था वहीँ अब इनकी जगह ट्रेक्टर का प्रयोग होने लगा है. गेंहूँ की मड़ाई करने के लिए थ्रेशर का प्रयोग होने लगा है. इन सब मशीनों से काम करने से समय तो बचता ही है साथ ही 2 दिन में होने वाले काम कुछ घंटे में हो जाते हैं.

लेकिन कभी-कभी इन कृषि यंत्रों के द्वारा छोटी-बड़ी तथा जानलेवा दुर्घटना भी घट जाती है. कुछ किसानों के हाथ कट जाते हैं तो कुछ किसानों के हाँथ की अंगुलियाँ कट जाती हैं. कुछ किसानों की तो बेरहमी से मौत भी हो जाती है. और गरीब किसान को इलाज करवाने के लिए पैसे न होने पर कर्ज लेने पड़ जाते हैं. किसानों की इन्हीं समस्याओं के लिए मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना लागू की गई है. जिसमे किसान के साथ होने वाली दुर्घटनाओं के हिसाब से 5 हजार से 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद की जाती है.

किनको मिलेगा साथी योजना का लाभ

खेतों में काम करते समय बिजली के तार गिरने से किसान की मृत्यु या घायल होने पर.
गेंहूँ की मड़ाई करते समय थ्रेसर से दुर्घटना होने पर.
किसी भी कृषि यंत्र द्वारा काम करते समय घटना होने पर.
खेत में काम करते समय जहरीले जानवर के डंक से मौत होने पर.
नहरों की खुदाई, कुआँ की खुदाई करते वक्त यदि उनकी अचानक मृत्यु हो जाती है.
कृषि सम्बंधित भारी-भरकम बोरियों या कृषि यंत्र ले जाते समय हादसा हो जाने पर.
बारिश के दौरान खेत में काम कर रहे किसान पर आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु जो जाने पर.
यदि मुखिया किसान की मृत्यु होती है तो सहायता की राशि किसान के परिवार मिलेगी.
कृषक साथी योजना में किसानों को मिलने वाली सहायता राशि
दुर्घटना की स्थितिसहायता की राशि
कृषि कार्य के दौरान एक्सीडेंटल फ्रैक्चर होने पर5 हजार रूपये
किसान पुरुष हो या महिला हाँथ या पैर की 1 उंगली कट जाने पर5 हजार रुपए
महिला या पुरुष के 2 उंगली कट जाने पर10 हजार रुपये
महिला या पुरुष के 3 उंगली15 हजार रुपये
महिला या पुरुष के 4 उंगलियां कटने पर20 हजार रुपये
कीसी भी एक अंग से अपाहिज होने पर जैसे- एक हाथ, एक पैर, एक आंख या टखना यानि एंकल25 हजार रुपये
महिला या पुरुष के बालों की डी-स्कल्पिन होने पर40 हजार रुपये
2 अंगो में विकलांगता होने पर जैसे- दोनों हाथ, दोनों पैर, दोनों आंखें, या एक हाथ और एक पैर50 हजार रुपये
सिर पर घाव लगने से कोमा में चले जाने से50 हजार रुपए
रीड की हड्डी में फ्रेक्चर होने पर50 हजार रुपए
कृषि सम्बंधित किसी भी दुर्घटना में मौत होने पर किसान के परिवार को2 लाख रुपये
सीएम कृषक साथी योजना के लिए पात्रता
किसान की उम्र 15 से 70 साल के बीच होनी चाहिए.
किसान राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए.
योजना का लाभ लेने के लिए सीएम कृषक साथी योजना में पंजीकरण आवश्यक है.
अगर खेती करने के दौरान दुर्घटना होती है तभी किसान योजना के पात्र माने जायेंगे.
किसान का बैंक पासबुक होना चाहिए जिसमे आधार लिंक होना अनिवार्य है.
किसान के साथ दुर्घटना होने पर तो 6 महीने के अंदर आवेदन फॉर्म जमा करना अनिवार्य है देरी होने पर नहीं मिलेगा लाभ.
किसान को अकारण आत्महत्या करने पर लाभ नहीं मिलेगा.
प्राकृतिक मृत्यु भी मान्य नहीं होगा.
मुखिया किसान की खेती करने के दौरान मृत्यु हो जाने पर सहायता की राशि उनकी पत्नी या बच्चों को दिया जायेगा.
आवेदन हेतू आवश्यक दस्तावेज
1. सब डिविज़नल मेजिस्ट्रेट की केस स्वीकृति रिपोर्ट2. आवेदक की हेयर डिटेल रिपोर्ट
3. फोटो4. क्षतिपूर्ति बॉन्ड
5. एफआईआर और पंचनामा6. पुलिस जांच रिपोर्ट
7. परिवारकार्ड8. किसान की मृत्यु होने पर हादसे की FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
9. मृत्यु प्रमाण-पत्र10. आयु प्रमाण-पत्र
11. विकलांगता प्रमाण-पत्र12. इन्शुरेन्स निर्देशक द्वारा मांगे गये प्रमाण-पत्र
13. विकलांगता प्रमाण पत्र14. जन्म प्रमाण-पत्र
15. निवास प्रमाण पत्र16. भूमि कागज
17. योजना का एप्लीकेशन फॉर्म18. पहचान पत्र या राशन कार्ड
19. आधार कार्ड20. बेंक स्टेटमेन्ट
कृषक साथी योजना में ऐसे करें आवेदन
  • ऑफलाइन आवेदन हेतु अपने नजदीकी कृषि विभाग डिपार्टमेंट के पास जाएँ.
  • वहाँ आपको आवेदन करने के लिए आवेदन पत्र यानि एप्लीकेशन फॉर्म लेना होगा.
  • आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी को अपने दस्तावेज से देखकर एप्लीकेशन फॉर्म में भर कर दे.
  • एप्लीकेशन फॉर्म में मांगे गए सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी को फॉर्म के साथ पंच कर दें.
  • एक बार पुनः भरे हुए आवेदन पत्र की जाँच करके फॉर्म को डिपार्टमेंट अधिकारी के पास सबमिट कर दीजिये.
  • जमा किये हुए फार्म का सम्बंधित अधिकार द्वारा जाँच की जाएगी.
  • जाँच की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सहायता राशि आवेदक के बैंक खाते में भेज दी जाती है.
कालक्रमानुसार राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के लाभार्थियों की सूची

माता-पिता- अगर लाभा मिलने वाले किसान के बच्चे, पति या पत्नी अनुपस्थित है, तो ऐसी दशा में लाभ की पूरी राशि लाभार्थी के माता-पिता को प्रदान की जाएगी.

पति-पत्नी- लाभार्थी के साथ मृत्यु या विकलांगता हो जाने की स्थिति में लाभ की राशि लाभार्थी के पति या पत्नी को प्रदान की जाएगी.

बहन- अगर लाभार्थी के कोई भी अन्य रिश्तेदार नहीं है. तथा उसकी कोई अविवाहित/ विधवा या आश्रित बहन लाभार्थी के साथ रहती है. तो ऐसी स्थिति में लाभ की राशि लाभार्थी की बहन को प्रदान की जाएगी.

पोते तथा पोती- लाभार्थी के पति, पत्नी, माता या पिता के ना होने की स्थिति में लाभ की राशि लाभार्थी के पोते तथा पोती को प्रदान की जाती है.

बच्चे- यदि लाभार्थी के पति या पत्नी नहीं है. तो ऐसी स्थिति में लाभार्थी के बच्चों को लाभ की राशि प्रदान की जाएगी.

वारिस- पति, पत्नी, बच्चे, माता, पिता, पुत्र, पुत्री या बहन के ना होने की स्थिति में यदि लाभार्थी का कोई वारिस, (वारिस अधिनियम के अंतर्गत) है तो ऐसी स्थिति में लाभ की राशि उस वारिस को ही प्रदान की जाएगी.

FAQ.

Q1. राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?

ANS. इस योजना में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है.

Q2. राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना में कितनी राशि सहायता मिलेगी?

ANS. दुर्घटना की स्थिति के आधार पर 5 हजार रूपये से 2 लाख रुपये तक.

Q3. राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना बजट कितना है?

ANS. 5 हजार करोड़ रुपए.

Q4. मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना कब शुरू की गई?

ANS. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी के द्वारा 24 फरवरी 2021 में.

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