किसान फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव करते समय बरतें ये सावधानी, लापरवाही से बिगड़ सकती है तबीयत

फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव- किसान बड़ी मेहनत करके अपने खेतों मे फसलों की बुआई करते हैं. फिर बीजों से अंकुरण होता है तब उसके बाद बह बीज जमकर धीरे-धीरे पौधा बन जाता है उसके बाद जब किसान की फसल में फूल और फल लगने की बारी आती है. तब अनेक प्रकार के रोगों और कीटों का फसलों पर एक साथ हमला होता है.

ऐसे में किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के लिए मजबूर होकर kitnashak dava का छिड़काव करना होता है. और किसान बाजार से जाकर kitnashak dawai लाते भी हैं और उन kitnashak का अपनी फसलों पर पानी में घोल बनाके छिड़काव भी करते हैं.

लेकिन कुछ किसान भाइ इस दवा को छिड़कने से पहले अपनी सुरक्षा का प्रबंध तो करते हैं परन्तु ज्यादातर किसान रसायनों का पानी में घोल बनाकर बिना कपड़े के ही कीटनाशकों का छिड़काव(spraying insecticides) करना शुरू कर देते हैं. और वह यह भूल जाते हैं की इसका उनके स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है.

कुछ किसान तो ऐसे भी होते हैं की kitnashak spray करने के साथ-साथ मुह में गुटका खाते रहते हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए, थोड़ी सी लापरवाही से अनहोनी हो सकती है. इसलिए किसान भाइयों को चाहिए की agriculture kitnashak dawai का फसलों पर spray करने से पहले निचे दिए गए टिप्स को जरुर अपनाएं.

नमस्ते मेरे प्यारे किसान भाइयों आज हम आपको खेती में लगे फसलों में कीटनाशकों का छिड़काव कैसे करें (how to spray insecticide) तथा keetnashak dawa का छिड़काव करते समय क्या सावधानियां बारतनी चाहिए इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, हम आशा करते हैं की आपको यह जानकारी पसंद आएगी.

फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव कैसे करें

  • फसलों पर जब भी kitnashak का छिड़काव करने जाएँ सबसे पहले अपने आप को पूरी तरह से ढकें.
  • दवाओं का छिड़काव हमेशा शाम को ही करना चाहिए.
  • सर्दियों के मौसम में कीटनाशकों का छिड़काव सुबह के समय ओस ख़त्म होने के बाद करें.
  • फसलों पर रसायनों का छिड़काव करने से पहले दवा को अच्छी तरह से घोलकर ही प्रयोग करें.
  • छिड़काव करते समय यदि तेज हवा चलने चले तो इस बात का ध्यान दें की दवा का स्प्रे हमेशा हवा की उल्टी दिशा में करें.
  • तेज हवा चलने पर दवा का छिड़काव करते हुए उल्टी दिशा में पीछे की और जाना चाहिए.
  • बेल वाली सब्जियों में रसायनों का छिड़काव शाम को करना चाहिए क्यों सुबह के समय परागण होती है.
  • रसायनों का छिड़काव करते समय मित्र कीटों का भी खस ध्यान रखे क्योंकि मित्र कीटों द्वारा ही फसलों में परागण की क्रिया होती है.
  • कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई मात्रा के अनुसार ही कीटनाशकों का घोल बनाना चाहिए.
  • कीटनाशकों के छिड़काव के समय इस बात का घ्यान दें की किसी भी प्रकार का पान, गुटका या जलपान ना करे.
  • अपनी आँखों पर चश्में का प्रयोग करे.
  • चेहरे पर माश्क लगाकर ही स्प्रे करे.

दोपहर में न करें दवा छिड़काव

गर्मियों के मौसम में दोपहर के समय रासायनिक दवाइयों का छिड़काव नहीं करना चाहिए. क्योंकि दोपहर में जितने भी मक्खियाँ, फल तथा पत्ती खाने वाली इल्लियाँ आदि कीट पतंगें होती हैं सभी पत्तियों के निचे या मिट्टी में छिप जाती हैं. और ऐसे में दवाइयों का छिड़काव करने से उन पर दवाओं का कोई असर नहीं होता जिससे आपकी मेहनत और दवा दोनों ब्यर्थ चली जाती है.

अधिक रासायनिक दवा खरीदने से बचें

अगर आप अपनी फसलों में स्प्रे करने के लिए जब भी रासायनिक दवा खरीदने जाएँ तो इस बात का ध्यान रखें की हमेशा उतने ही दवाइयों को खरीदें जीतनी आपकी फसलों के लिए जरुरत हो. आवश्यकता से अधिक रासायनिक दवाइयों को खरीदकर घर पर न रखें.

कभी-कभी बहोत से किसान आवश्यकता से अधिक रसायनों को खरीदकर लाते हैं. और भूल जाते है जिससे दवा खराब हो जाती है. आप जब भी किसी भी प्रकार के रसायन खरीदने जाएँ हमेशा बंद पैकेट या बंद शीशी वाली दवाओं को जिसकी सील टूटी हुई न हो वहीँ खरीदें. क्योंकि बहोत दे दुकानदार पुराने दवाओं को जो खराब होते हैं उन्हें भी मिलाकर बेच देते हैं.

कीटनाशक खरीदते समय ध्यान दें

किसान भाइयों को चाहिए की जब भी रासायनिक पेस्टीसाइड खरीदने कृषि की दुकान पर जाएँ, शीशी या पैकेट पर लिखे उनकी ख़त्म होने की अंतिम तारीख को अवश्य देखें. यदि उसकी एक्सपायरी तिथि समाप्त हो गई हो तो ऐसी दवाओं को भूलकर भी न खरीदें.

और इस बात का भी ध्यान रहे की जिन दवाओं पर expired date का लेबल ना हों उन्हें भी नहीं खरीदना चाहिए. इसकी अलावा जिन दवाओं पर expired date का लेबल लगा हो और उस पर एक्सपायरी तिथि की जानकारी न लिखी हो उन्हें भी न खरीदें.

बचे हुए रासायनिक दवाइयों को कहाँ रखें

रासायनिक पेस्टीसाइड का फसलों पर प्रयोग करने के बाद बचे हुए दवाओं को घर से बाहर रखें, क्योंकि इनसे बहुत बदबूदार दुर्गन्ध आती है. जिसकी दुर्गन्ध से पुरे घर का माहौल खराब हो जायेगा. इन्हें घर से दूर किसी ऐसे जगह रखें. खाना, पानी, चारा नहों हो और न ही धुप हो.

छिड़काव करने के बाद करें ये काम

किसान अपने खेतो की फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव करने के बाद सबसे पहले जितने भी kitnashak powder या कीटनाशक की शीशी बोतल और कागज हैं. सभी को सुरक्षित किसी ऐसे स्थान पर रखें जहाँ घर के छोटे बच्चे न जा सकें. उसके बाद कीटनाशक मशीन को (pesticide spray machine) को साफ पानी से धो लें.

इतना करने के बाद अपने सभी पोशाक को शरीर से उतारकर इसे भी ऐसी जगह रखें जहाँ बच्चे या घर के अन्य लोग न ले सकें. फिर अपने हाथ, पैर और मुख को साबुन से अच्छी तरह से धोकर ही घर में प्रवेश करें.

FAQ:

Q: फसलों में कीटनाशकों का छिड़काव कब करें?

ANS: फसलों में कीटनाशकों का छिड़काव हमेशा शाम को ही करना चाहिए. क्योंकि सुबह के समय फसलों में परागण की क्रिया होती है.

Q: कीटनाशक कितने प्रकार के होते हैं?

ANS: कृषि में उपयोग किये जाने वाले कीटनाशक मुख्य रूप से 3 प्रकार के होते हैं.
घोल के रूप में.
पाउडर के रूप में.
दानेदार रूप में.

Q: कोराजन का उपयोग कैसे करें?

ANS: कोराजन एक प्रकार का कीटनाशक है इसका उपयोग विभिन्न फसलों में लगने वाले फल छेदक,ताना छेदक कीटों को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है, इसकी 5ml दवा को 15 लीटर पानी घोल बनाकर फसलों में छिड़काव करना चाहिए.

Q: कोराजन कीटनाशक कीमत 10ml

ANS: कोराजन की कीमत विभिन्न क्षेत्रों में 10 ml 180 रुपये से लेकर 220 रुपये में मिल जाती है.

यह भी पढ़ें- 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here