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कम पैसे में युवा किसान गांव में करें ये 8 बिजनेस, होगा लाखों का मुनाफा

गाँव में रहने वाले ज्यादातर किसान अपना सारा टाइम खेतों में ही लगाये रहते हैं. और केवल सब्जियों की खेती के ऊपर ही निर्भर रहते हैं. लेकिन सब्जियों की आमदनी हमेशा नहीं होती तो होता यह है की किसान सब्जियों को बेचकर जो पैसे रखे होते हैं वह भी किसी न किसी तरह से ख़त्म हो जाते है.

और जब किसान को अगली फसल की बुआई करनी होती है तो उन्हें मजबूर होकर कर्ज लेना पड़ता है. और इसी प्रकार उनका समय बीतता जाता है. ऐसे में किसान भाइयों को केवल कृषि पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए. बल्कि उनको गाँव में कृषि से सम्बंधित कुछ गांव में चलने वाला बिजनेस करना चाहिए. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके. तो दोस्तों चलिए हम जान लेते हैं की एक किसान को गांव में कौन सा बिजनेस करना चाहिए.

गाँव में सब्जी का बिजनेस

अगर आप गाँव में खेतीबाड़ी करते हैं. तो सब्जियों को मंडियों में बेचने के साथ सब्जी की दुकान भी खोलकर कमाई का एक जरिया बना सकते हैं. आप देखते होंगे की जो सब्जिया आप मंडी में 10 रूपये किलो बेचते हैं. उसी सब्जी को छोटे ब्यापारी या दूकानदार हमे ही 18 से 20 रूपये किलो बेचते हैं.

मतलब आप दिन रात मेहनत करके, सब्ज्जियाँ पैदा करते हैं, उसमे दवा का छिडकाव करते हैं, मिट्टी चढ़ाने के लिए खाद में पैसे लगाते हैं. तब आपको 1 किलो सब्जी के 10 रूपये मिलते हैं. और उस सब्जी को एक ब्यापारी हमसे ही खरीदर बाजार में उसे दुगुने दाम पर बेचता है.

तो किसान भाइयों हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से यहीं कहना चाहते हैं की यदि आप सब्जियों की खेती करते हैं और आपके पास सब्जियाँ अधिक हैं तो आप कुछ सब्जियों को मंडियों में बेचें और कुछ सब्जियों को अपने घर के किसी एक सदस्य को सब्जी को बेचने के लिए sabji ki dukan जरुर खोलें. इससे आपको डबल प्रॉफिट होगी.

सब्जी का ठेला लगायें

कभी-कभी ऐसा होता है की मंडियों में सब्जी की आमदनी इतनी अधिक बढ़ जाती है की सब्जी को फेंकने की नौबत आ जाती है. या बिकते भी हैं तो उससे जो पैसे किसान को मिलते हैं वह बहुत कम होते हैं जिससे किसान सब्जियों के लिए खाद या दवा भी नही खरीद सकते.

इसलिए आप या तो sabji ki dukaan खोलकर सब्जयों को बेच सकते हैं या सब्जी को ठेला पर रखकर ऐसे गाँव में जहाँ के लोग खेती न करते हों या कालोनियों में घर-घर जाकर सब्जियों को बेचकर पैसा कम सकते हैं. देखा जाता है की आजकल लोग सब्जी खरीदने के लिए मार्केट भी नहीं जाना चाहते हैं. इसलिए आप गांव में बिजनेस करने का तरीका अपनाकर सब्जियों से पैसा कमा सकते हैं.

मुर्गी पालन

गाँव के किसान सब्जियों की खेती के साथ-साथ पोल्ट्री फारम खोलकर भी अपने आपको सफल बना सकते हैं. यदि आप चाहें तो जिस खेत में आप खेतीबाड़ी करते हैं. उसी खेत के किसी एक कोने में पोल्ट्री फर्म मनाकर मुर्गा पालन भी करके दोहरा मुनाफा कमा सकते हैं.
आप खेती के लिए लाख रूपये लगाकर खेतों की सिंचाई के लिए मशीन लगवाते हैं. और उसका बिजली का बिल भी महीने में भरते होंगे.

तो यदि आप खेती के साथ मुर्गी पालन भी करते हैं तो आपको डबल मुनाफा होगा. पोल्ट्री फार्म शुरू करने के लिये अब तो आपको केवल पानी और एक फार्म की आवश्यकता पड़ेगी. उसके बाद मुर्गी के बच्चे और उनके खाने के लिए चारा कंपनिया खुद देती हैं. जिसके बदले आपको अच्छा कमिशन मिलता है.

लेकिन अगर आप मुर्गी पालन का सारा प्रॉफिट खुद लेना चाहते हैं तो आप अपना खुद का मुर्गी का बच्चा छोड़कर अपना खुद का चारा खिला सकते हैं. इन्हें बेचने के लिए आपको कहीं जाने की जरुरत नहीं है. बल्कि कम्पनियाँ खुद आपसे संपर्क करके आपके फार्म से मुर्गियां खरीदकर ले जाती हैं.

मछली पालन

मछलियों का बिजनेस भी किसान खेती के साथ कर सकते हैं. मुर्गी पालन की तरह इसे भी खेत के किसी एक कोने में 5 से 6 बिस्सा खेत में छोटी तालाब बनाकर मच्छी पालन करके रुपए कमा सकते हैं. इसमें भी तालाब में पानी भरने के लिए आपका वहीँ मशीन काम आएगा जिससे आप अपने खेतो की सिंचाई करते हैं.

यह व्यापार करने से फार्म से जब मुर्गियां निकल जाती हैं तो उनके बचे हुए मल खेतों में जैविक खाद का कम करते हैं. जिसे आप अपने खेतों में डाल सकते हैं. इसके बाद भी यदि मुगियों की खाद बचते हैं तो आप इसे किसी दुरे किसान को बेच सकते है. और ये आपकी एक्स्ट्रा कमाई हो जाएगी.

मछली पालन के लिए तो सरकार की और से अनुदान भी मिल रहा है. लेकिन यदि आप छोटे तालाब से मछली को पालने का ब्यापार करना चाहते हैं तो आप लोन न लें और अपने खेतों से कमाए हुए पैसों को ही इस बिजनेस में लगायें. अगर बड़े पैमाने पर मछली पालन करनी हो तभी सरकार के इस योजना का लाभ उठायें.

पशु पालन

गाँव में रहने वाले लोगों घर 2 से 3 गाय या भैंस देखने को मिल जायेंगे. भले ही वे खेती करते हों या न करते हों. परन्तु यदि आप किसान हैं और आपके पास खेतीहर भूमि है तो आप खेती तो जरुर करते होंगे. और यदि आप खेतीबाड़ी करते हैं तो आपको पशुपालन जरुर करना चाहिए.

इससे आपको अनेक फायदे होते हैं. यदि गाँव में रहने वाले किसान भाई पशुपालन करते हैं तो उनको पशुओं से दूध मिलता है. जिसे किसान अपने खाने के लिए रखकर उसे मंडियों में बेच सकते हैं. साथ ही पशुओं के मल-मूत्र को खेतों में देशी खाद के रूप में उपयोग कर सकते हैं. जिससे खेतों की उर्वरता शक्ति बढेगी और फसलों से उत्पादन अधिक मिलेगा.

इसके अलावा आप चाहें तो एक दुकान खोलकर दूध से दही, मट्ठा, छाछ, खोवा, लस्सी, छेना और पनीर इत्यादि उत्पाद बनाकर बेच सकते हैं और गाँव में ही यह बिजनेस करके लाखों रूपये कमा सकते हैं. इसलिए गाँव के किसानों को पशुपालन तो करना ही चाहिए.

मधुमक्खी पालन

यह बिजनेस भी बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है. इसके लिए भी बहुत अधिक जगह की जरुरत नहीं पड़ती है और ना ही सब्जियों, मछलियों, मुर्गियों और पशुओं की तरह खाद, पानी और दवाई की जरूरत पड़ती है. और तो और इसके लिए खेत की भी जरुरत नहीं पड़ती है.

मधु पालन तो किसी बगीचे में ऐसी जगह किया किया जाता है जहाँ सरसों जैसी फसलें उगाई जाती हैं. क्योंकि यह फूलों से ही शहद बनाने का काम करती हैं. अतः इस व्यापार को भी किसान सब्जियों की खेती के साथ गाँव में ही कर सकते हैं.

बकरी पालन

आजकल बकरे का मांस बाजार में सबसे ऊँचे दामों पर बिकते हैं. और इससे जो सबसे अधिक लाभ होता है वह यह है की मादा बकरियां साल में दो बार बच्चे देतीं हैं. जिससे अधिक लाभ होती है इसके लिए भी बहुत अधिक स्थान की जरुरत नहीं पड़ती है.

और जहाँ मैदानी इलाके होते हैं वहां के किसानो को तो इनके खाने के लिए चारे की भी ब्यवस्था नहीं करनी पड़ती है. वहां के लोग वैसे ही छोड़ दिया करते हैं. बकरी पालन करने से इनके मल-मूत्र खेतों में खाद के रूप में प्रयोग किये जाते हैं. इसलिए गाँव के किसान खेती के साथ गोट पालन भी कर के रूपये कमा सकते हैं.

भेंड़ पालन

गाँव के किसान के लिए भेंड़ पालन भी एक पैसे की मशीन है. भेंड़ पालन करने से किसानों को अनेक लाभ मिलते हैं. जैसे- इनके बालों को काटकर बाजार में बेचा जाता है, इनके मल-मूत्र को खेतों में देशी जैविक खाद के तौर पर उपयोग किया जाता है और इसका मांस भी बाजार में महंगे रेट में बिकता है.

और गाँव के कुछ किसान जो केवल खेतीबाड़ी बाड़ी करते हैं और केवल खेतों में रासायनिक खादों का उपयोग करते हैं तो वे अपने खेतों में देशी खाद के लिए भेड़ पालन करने वाले ब्यक्ति से संपर्क करके भेड़ों के झुण्ड को अपने खेतों में रात में रखने को कहते हैं. जिसके बदले भेड़ पालक किसान भेड़ों की जनसंख्या के हिसाब से एक रात के 400 से 800 रूपये लेते हैं. इसलिए किसान भेड़ पालन से भी गाँव में पैसा कमा सकते हैं.

FAQ:

Q: गाँव में 5000 में कौन सा बिजनेस शुरू करें?

ANS: 5 हजार में गाँव के लोग सब्जियों का व्यापार कर सकते हैं.

Q: घर पर कौन सा बिजनेस शुरू करें?

ANS: किराना, जनरल स्टोर, सब्जियां बेचना, पशु पालन, बकरी पालन इत्यादि.

Q: गांव में सबसे ज्यादा चलने वाला बिजनेस?

ANS: मुर्गी पालन, बकरी पालन, फल बेचना, सब्जयों की ठेला लगाना, दाना भुजना, पंचर बनाना आदि.

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