किसान करें जाफरी गेंदा फूल की खेती और कमायें कम समय में ज्यादा मुनाफा

जैसे-जैसे देश की आबादी बढ़ती जा रही ही वैसे-वैसे फैशन और डिजाइन भी बढ़ता जा रहा है. इस बदलते जमाने में युवाओं द्वारा तरह-तरह के काम प्रयोजन होने लगे हैं.

आज के दौर में पूजा-पाठ हो या शादी-विवाह हो या कोई अन्य प्रोगाम अब इन्हें और लाजवाब तथा सुन्दर बनाने के लिए तरह-तरह के आर्टिफिशियल फूलों की आवश्यकता होने लगी है. ऐसे मे त्योहारों पर जैसे- नवरात्रि, दीपावली, दशहरा या शादी के सीजन में देखने को मिलता है की फूलों की कीमत काफी महंगी हो जाती है.

ऐसे में किसान भाई यदि सब्जियों की खेती के साथ फूलों की खेती करते हैं तो सब्जियों की तुलना में फूलों से बहुत अधिक पैसे कमा सकते हैं. तो किसान भाइयों आज हम आपको jafri genda ki kheti के बारे में बताने जा रहे हैं. Jafri Genda Ka Phool अन्य सभी गेंदा फूलों की अपेच्छा बहुत अधिक उपज देती है. तो चलिए शुरू करते हैं.

बीज की तैयारी

जाफरी गेंदा की खेती करने से पहले आपको पौध तैयार करनी होगी. इसके अलावा jafri genda ki kheti करने से पहले आपको यह जानना बहुत जरुरी है की Jafri Marigold Flower की खेती केवल सर्दियों के मौसम में की जाती है. इसके अलावा जाफरी गेंदा की खेती गर्मी एवं बरसात में नहीं की जाती है.

क्योंकि इसके लिए ठंढ की आवश्यकता पड़ती है. ऐसे में यदि किसान भाई जाफरी गेंदा की खेती करना चाहते हैं तो सर्दियों के मौसम में ही अपने पास पड़ोस के किसी दुसरे किसान के खेत से जो जाफरी गेंदा की खेती करते हों उन्हीं के यहाँ से फरवरी या मार्च के महीने में जब फूलो की कटाई की जाती है.

तब सूखे हुए फूलों से बीज निकालकर किसी कांच के बोतल में रख देना चाहिए. और अक्टूबर के महीने में इन बीओं की नर्सरी डालनी चाहिए. फिर नवम्बर के महीने में पौधे की रोपाई खेतों में की जाती है.

जाफरी गेंदा के शाखाओं को तोड़ना

Jafri Genda Phool की खेती करने के लिए गेंदा के फूल का बीज निकालकर उनकी नर्सरी डालकर पौध तैयार की जाती है साथ ही गेंदा की शीर्ष शाखाओं को तोड़कर भी उनकी कलम लगाकर इनकी रोपाई की जाती है.

जाफरी गेंदा की कलम तैयार करने के लिए फरवरी या मार्च के महीने में इनकी 50 से 100 शाखाओं को किसी धारदार ब्लेड से काटकर इनको खेत में कहीं ऐसे स्थान पर जहाँ पर्याप्त नमी मिलती रहे. मिट्टी में लगा दें, और यदि नमी न हो तो इन्हें बाल्टी या किसी बर्तन से पानी देते रहें.

कलम लगाने के 15 से 20 दिन के बाद इनमे जड़ें निकाल आएँगी इसके बाद इनमे से नई शाखाएं भी निकाल आएँगी. जब इनकी शाखाएं थोड़ी बड़ी हो जाये तब इन्हें खुरपी से उखाड़कर कहीं दूसरी जगह लगा देना चाहिए. और बारिश के महीने में इनकी ढेर सारी शाखाओं को काटकर कलम तैयार करके इनकी अक्टूबर-नवम्बर में खेतों में रोपाई की जाती है. दिसम्बर से लेकर मार्च तक पैदावार देती है.

खेत की तैयारी

जाफरी गेंदा के पौधे की रोपाई बारिश खत्म होने के बाद अक्टूबर से लेकर नवम्बर महीने में की जाती है. इसलिए बारिश का सीजन ख़त्म होने के तुरंत बाद खेत की कल्टीवेटर हल से जुताई करके खरपतवार को निकाल लेना चाहिए.

खेत की अंतिम जुताई के समय मुर्गियों की खाद, गोबर की खाद या भेड़, बकरियों की खाद मिट्टी में मिला देना चाहिए. तथा मिट्टी को भुरभुरी बना लेना चाहिए. DAP, पोटाश और यूरिया का प्रयोग पौधों को खेत में लगाने के 25 दिन, 45 दिन के अन्तराल पर करना चाहिए.

पौध रोपण एवं दूरी

Jafri Genda Ka paudha नर्सरी से निकालने से 1 सप्ताह पहले सिंचाई बंद कर देना चाहिए जिससे गेंदा के पौधे मजबूत हो जाते हैं. इसके बाद जिस दिन पौध रोपण करनी हो उसके 1 दिन पहले शाम को नर्सरी में पानी भर देना चाहिए, तथा जिस दिन रोपाई करनी उस दिन नर्सरी से पौधे उखाड़ने से 3 घंटे घंटे पहले नर्सरी में पुनः पानी भर देना चाहिए.

ताकि नर्सरी की मिट्टी मुलायम हो जाए, ऐसा करने से नर्सरी से पौधे उखाड़ते समय उनकी जड़ें कम टूटती हैं. और रोपाई करने के बाद पौधे को सूखने का खरता नहीं रहता है.

यदि जाफरी गेंदा के पौधे की रोपाई की उचित दूरी की बात करें तो. Jafri Genda Ka paudha अन्य गेंदा फूलों की अपेच्छा अधिक उत्पादन देता है. ऐसे में इसके पौधे से पौधे की दूरी 1 फिट तथा लाइन से लाइन की दूरी 2.5 से 3 फिट रखनी चाहिए. और पौध रोपण के तुरंत बाद पौधों को पानी दे देना चाहिए.

जाफरी गेंदा में कीट नियन्त्रण

सब्जियों की तरह गेंदा फूल की खेती में भी अनेक तरह के रोग और कीट लगते हैं. लेकिन सर्दियों के मौसम में किये गए गेंदे की खेती में रोग और कीट बहुत ही कम लगते हैं. मुख्य खेत में पौध रोपण करने के बाद शुरुआत में हीं फूलों में पत्ती खाने वाले कीड़े, फूल खाने वाले कीड़े, रस चूसने वाली सफ़ेद और हरी मक्खी कीटों का प्रकोप देखने को मिलता है.

और जब सर्दी अधिक बढ़ जाती है तब गेंदे में किसी भी प्रकार के हानिकारक कीट नहीं लगते, लेकिन अधिक सर्दी के कारण फूलों में दाग, धब्बा और झूलसा रोग लगते हैं. जो Jafri Genda Phool के लिए बहुत ही खतरनाक रोग है.

पत्ती खाने वाले कीड़े की रोकथाम

पत्ती खाने वाले कीड़े पत्तियों की तरह ही हरे रंग के होते हैं. जो पत्तियों और मुलायम शाखाओं को खाकर पौधों को नुकसान पहुंचाती हैं. जाफरी गेंदे के पौधे में यदि पत्ती खाने वाले कीड़े की समस्या देखने को मिले तो करेंट 5ml/15 लीटर पानी या ak-57 15ml/15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए.

रस चूसने वाले कीड़े की रोकथाम

सफ़ेद मक्खी और हरी मक्खी फसलों की पत्तियों से रस चूसने का काम करती है. इन कीटों के प्रकोप से पत्तियां पिली पड़ जाती हैं. जिससे पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया प्रभावित इस कारण पौधे सूखने भी लगते हैं. रस चूसने वाले कीड़े से jafri genda की फसल को बचने के लिए इमिडाक्लोरोपिड 1ml/15 लीटर या एसिटामिप्रिड 20% sp/15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए.

फूल खाने वाले कीड़े

सर्दियों के मौसम की शुरुआत में ही jafri genda में फूलों को खाने वाले कीड़े जिसे तम्बाकू की इल्ली कहते हैं, इनका असर देखने को मिलता है. ये कीड़े दिन में खिले हुए फूलों में छिप जाते हैं और रात के समय फूलों से बाहर निकलकर खिले हुए फूलों की पंखुड़ियों को और फूलों की कलियों को खाती हैं. इनके प्रकोप से उपज में काफी कमी देखने को मिलती है. ये कीड़े बैंगन में फल और तना को छेदकर बहुत हानि पहुंचाती है.

यदि jafri genda ki kheti में फूलों को खाने वाले कीड़े दिखाई दे तो इससे फूलों को बचने के लिए ak-57 कीटनाशक 15ml/15 लीटर पानी या कोराजीन 5ml/15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए.

फूलों में धब्बा और झूलसा रोग

जाफरी गेंदा की खेती सर्दियों में ही किया जाता है. और इन दिनों कोहरा, ओला, पाला, शीतलहर तथा बेमौसम बारिश होती रहती है. ऐसे में Jafri Genda ke Phool और पत्तियों में काले दाग और झुलसा रोग की समस्या देखने को मिलती है. कभी-कभी 2 से 3 दिन तक कोहरा छाया रहता है और धुप नहीं हो पाती है. जिससे फूलों से ओस सुख नहीं पाते हैं इस वजह से फूलों में काले दाग बनने लगते हैं.

jafri genda flower को दाग धब्बे और झुलसा रोग से बचाने के लिए मेरीवान 10ml/15 लीटर पानी या लूना 15ml/15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चहिये.

फूलों की तुड़ाई

फूलों को मुख्य खेत में रोपाई करने के 60 दिन के बाद फूलों की तुड़ाई होने लगती है. एक बार जब फूल टूटने लगते हैं तब लगातार फूलों की तुड़ाई होती रहती है. अगर दिन में धुप होने की सम्भावना हो तो Jafri Genda Ka Phool सुबह के समय ही तोड़ना चाहिए. सुबह में फूलों की तुड़ाई करने से फूल 2 दिन तक ताजे जैसे दिखते हैं.

क्योंकि यदि दिन में धुप होगी तो खिले हुए फूल धूप की वजह से नरम हो जाते हैं. और शाम के समय Jafri Genda ke Phool की तुड़ाई करने से इनकी क्वालिटी खराब हो जाती है. जिससे मंडियों में इनकी कीमत कम हो जाती है.

प्रति किलो गेंदा कीमत

Jafri Genda Ka Phool हो या हजारा गेंदा फूल की खेती इन फूलों को मंडियों में माला/गजरा बनाकर या बिना माला बनाये बेचा जाता है. बगैर माला बनाये गेंदा फूल वजन के हिसाब से बिकता है. जैसे की शादियों के सीजन में और दीवाली तथा नवरात्रि के समय फूलों की डिमांड बहुत अधिक होती है. ऐसे समय में प्रति किलो गेंदा की कीमत 40 रुपये से लेकर 100 रुपये या इससे भी महंगे बिकते हैं.

और यदि गेंदे के माला या गजरा की बात करें तो शादी विवाह और नवरात्र, दीवाली के शुभ अवसर पर गेंदे के माला की कीमत 10 रुपये से लेकर 35 रुपये या इससे भी अधिक होती है.

जाफरी गेंदा फूल की खेती से लाभ

गेंदे की खेती से लाभ की बात करें तो इससे सब्जियों की तुलना अधिक कमाई होती है. यदि 1 बिस्सा खेत मे सब्जियां लगाते हैं तो 1 बिस्से खेत मे एक बार में अधिक से अधिक 30 से 60 किलो ही उपज मिलती है.

और वहीं फूलों की बात करें तो 1 बिस्से खेत मे एक बार मे 80 से 100 माला बनाने लायक उपज मिलती है. और यदि 1 गजरा 10 रुपये की बिकती है तो 100 गजरे की कीमत 1000 रुपये होती है.

कभी-कभी तो 1 गजरे की कीमत 30 रुपये से लेकर 35 रुपये या इससे भी अधिक कीमत पर बिकती है. इस प्रकार अगर 1 गजरा 30 रुपये की बिकती है तो 100 गजरे की कीमत 3000 हजार रुपए होती है.

FAQ-

Q- गेंदे के फूल में कौन सा खाद डालें?

ANS- सड़ी गोबर की खाद, नाइट्रोजन, किलोग्राम फॉस्फोरस, किलोग्राम पोटाश और जैविक की आवश्यकता होती है.

Q- गेंदे की फसल कितने दिन में तैयार होती है?

ANS- रोपाई के 60 दिन में गेंदे की फसल तुड़ाई करने के लिए तैयार हो जाती है.

Q- प्रति किलो गेंदा कीमत 2022?

ANS- गेंदा फूल का रेट 2022 फरवरी में प्रति किलो गेंदा की कीमत 80 से 110 रुपये किलो थी. वहीँ प्रति गजरा की कीमत 25 से 35 रुपये थी.

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