टमाटर के भाव मई 2022: टमाटर का भाव सुनते ही चेहरा हो जायेगा लाल

टमाटर के भाव मई 2022

टमाटर के भाव मई 2022- जिस प्रकार अप्रैल के महीने में nibu ki price ने ग्राहकों का जी खट्टा कर दिया था. अब उसी तरह टमाटर के बढ़ते दामों ने ग्राहकों के होश उड़ा दिए हैं. नींबू के बिना तो फिर भी काम चल जाता था लेकिन टमाटर के बिना भोजन तो फीका ही पड़ जायेगा.

2020-2021 में गर्मियों के मौसम में कोरोना के कहर से देश में लगे लाकडाउन की बजह से टमाटर इतने सस्ते हो गये थे की प्रति कैरेट टमाटर 60 से 70 रूपये में बिक रहे थे, जिसका वजन 25 से 30 किलो हुआ करता था. बीते 2 सालों में बहुत से किसान जो गर्मियों में टमाटर की खेती करते थे कर्ज में भी हो गए थे.

कोरोना के दर के कारण ही किसानों ने इस बार टमाटर के रकबे को कम कर दिया, यहाँ तक की बहुत से किसान ने इस बार टमाटर की खेती ही नहीं की. टमाटर की खेती का रकबा कम होने तथा आसमान से बरस रही आग की वजह से खेती और जनजीवन दोनों ही बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.

इस साल मार्च से ही अचानक गर्म हवा और गर्मी बढ़ जाने के कारण टमाटर के पौधे तथा फूल और फल विकसित नहीं हो पाए. जिससे जो टमाटर जनवरी से 15 फरवरी तक में खेत में लगा दिए गए थे उनमे तो 60 प्रतिशत पैदावार हुई है लेकिन जो टमाटर मार्च में लगाये गए थे 10 से 20 प्रतिशत ही पैदावार हुई है. यानि पछेती टमाटर की फसलों पर बढ़ते तापमान का असर ज्यादा देखने को मिला है.

टमाटर के भाव मई 2022

बीते गत वर्ष जहाँ टमाटर के ब्यापारी टमाटर को 60 से 70 रुपये कैरेट लेने से हिचकिचाते थे वहीँ इस बार टमाटर 900 से 1000 रुपये प्रति कैरेट मिलना मुश्किल हो रहा है. इस बार टमाटर के थोक ब्यापारी सीधे किसान के खेत से ही 38 से 40 रुपये प्रति किलो के भाव से खरीद रहे हैं. मंडियों में टमाटर नहीं जाने की वजह से इसके फुटकर दाम और भी महंगे बिक रहे हैं. जून महीने में टमाटर के भाव 100 रूपये किलो होने की आशंका है.

नहीं मिल रहा फसल की लागत

गत वर्ष जब टमाटर 60 से 70 रुपये कैरेट बिक रहे थे तब भी किसानों के फसल पर आया खर्च नहीं निकल पा रहा था और अब टमाटर के दाम तो बहुत हाई है लेकिन पैदावार न होने के कारण इस बार भी किसान अपने फसल में लगे खर्चे को पूरा नहीं कर पा रहे हैं.

यहाँ होती थी 10 से 12 टमाटर की गाड़ियाँ लोडिंग

उत्तर प्रदेश वाराणसी जिले के धरमनपुर और बाबतपुर एयरपोर्ट के पास पुरारघुनाथपुर नामक गान में गत वर्ष जहाँ 10 से 12 पिकअप गाड़ियाँ प्रतिदिन टमाटर से लोड हुआ करती थी, और अलग-अलग शहरों में जाया करती थी. लेकिन इस बार यहाँ प्रतिदिन 3 गाड़ियाँ भी टमाटर की लोडिंग नहीं हो पा रही है.

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