सब्जियों के पौधों में कितनी बार उर्वरक डालना चाहिए-2023

अलग-अलग फसलो में खाद देने का अलग प्रावधान होता है फिर भी पौधों में उर्वरक 20 से 25 दिनों के अन्तराल पर दिया जाता है.
कुछ फसलें ऐसी होती हैं जो 35 से 50 दिन में कटाई के लिए तैयार हो जाती है. तो वहीँ कुछ फसलें 3 से 4 महीने तक या इससे भी अधिक दिनों तक खेतों में खड़ी रहती हैं. फसलों में एक बार खाद डालने के बाद 20 से 25 दिनों तक उनकी ग्रोथ होती रहती है. अनाज वाली फसलों जैसे- धान, गेहूं, चना, अरहर, मुंग, मक्का, बाजरा इत्यादि फसलों में सब्जियों वाली फसलों की अपेच्छा कम उर्वरक की आवश्यकता होती है.

सब्जियों के पौधों में कितनी बार उर्वरक डालना चाहिए-2023

उर्वरक कब डालना चाहिए?

अनाज वाली फसलों में अक्सर देखा जाता है की लगभग 3 बार उर्वरक खेतों में डाला जाता है.

  • पहली बार- खेतों की अंतिम जुताई के समय.
  • दूसरी बार- फसल बुआई या रोपाई के 20 दिनों के बाद.
  • तीसरी बार- फूल आने के समय.

वहीँ सब्जियों और फूलों की खेती में 5 से 6 बार उर्वरक डालने की जरुरत पड़ती है. सब्जियों की फसल को अधिक ताकत की जरुरत पड़ती है. अनाज वाली फसलों सब्जियों में भी 3 बार खेतों की अंतिम जुताई के समय, फसल बुआई या रोपाई के 20 दिनों के बाद और फूल आने के समय तो खाद या उर्वरक देना अनिवार्य होता ही है. लेकिन इसके बाद भी फसल से लम्बे समय तक उपज लेने के लिए 20 से 25 दिनों के अन्तराल पर उर्वरक की जरुरत पड़ती है.

सब्जियों में भी कुछ फसलें ऐसी होती हैं जिनमें केवल 2 बार हो उर्वरक देने की जरुरत होती है जैसे- मूली, पालक, चुकंदर, शलजम, चौराई, मेंथी, धनियाँ इत्यादि. ये सब ऐसी फसलें हैं जो 30 से 45 दिन में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं. और इनमें सबसे कम पानी और कम उर्वरक देने की जरुरत होती है.

पौधों में उर्वरक क्यों डालनी चाहिए?

पौधों में उर्वरक डालने से उनमें अधिक शाखाएँ निकलती हैं. जिससे अधिक फूल आते हैं और पौधों में जितने अधिक फूल होते हैं उतने ही अधिक पैदावार होती है. इसके अलावा फल एवं दाने अच्छी क्वालिटी के तथा चमकदार होते हैं. जिससे उनकी मार्केट वैल्यू अधिक होती है.

ज्यादा खाद देने से क्या होता है?

बहुत से किसानों को पौधों में उर्वरक डालने की सही अन्तराल का पता नहीं होता है, ऐसे में वे फसलों से अधिक उत्पादन लेने के लिए ओवर फर्टिलाइजेशन करते हैं. और यह भूल जाते हैं की इससे फसल उत्पादन तो अधिक होगा नहीं बल्कि उनकी खेतों की मिट्टी ही ख़राब होने की सम्भावना रहती है.

खेतों में पोधों को समय से पहले खाद देने से पौधे की पत्तियां पीली और मुरझाने लगती हैं. और किसान भाई इसे एक बीमारी समझकर कीटनाशक का छिड़काव करने लगते हैं जिससे इन स्वों को खरीदने का खर्च उनकी जेब पर पड़ता है. अतः किसान भाइयों को ज्यादा खाद देने से बचना चाहिए. नहीं तो मिट्टी उपजाऊ से बंजर होने लगती हैं.

पौधों को बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?
  1. पौधे से अधिक उत्पादन लेने के लिए उनकी उचित बढ़वार होनी बहुत आवश्यक होती है. और अगर आप अपने पौधों की तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, तो निचे दिए गए टिप्स को जरुर अपनाएं.
  2. हमेशा स्वस्थ पौधे को ही लगानी चाहिए.
  3. पौधों को अधिक पानी नहीं देना चाहिए.
  4. पौधों के आस-पास गुड़ाई करनी चाहिए ताकि जड़ों में हवा का आदान-प्रदान हो सके.
  5. पौधों को ऐसी जगह लगायें जहाँ धुप हमेशा मिलती रहे.
  6. पौधों को उचित मात्रा में उर्वरक देना चाहिए.
  7. पौधों की तेजी से वृद्धि के लिए जड़ों के पास कैल्शियम नाइट्रेट उर्वरक देना चाहिए.

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