घर पर आसानी से आप भी उगा सकते हैं गमले में खीरा, आयेंगे अधिक फल, जानिए कैसे

भोजन करने के बाद ताजे सलाद खाना भला किसे पसंद नहीं है. खाना खाने के बाद खीरे का सलाद खाने से भोजन तो पचता ही है, साथ ही खीरा खाना सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. वैसे तो खीरा आपको बाजार या सब्जी मंडियों में मिल जाते हैं, लेकिन वह केमिकल युक्त होता है. यानि उस पर रासायनिक दवाओं का स्प्रे किया हुआ होता है.

तो दोस्तों अगर आप घर पर ही खीरा उगाने की सोच रहे हैं तो गमले या फिर कंटेनर में या अपने टेरेस गार्डन में आसानी से आर्गेनिक खीरा को उगा सकते हैं. तो मित्रों चलिए आज के इस पोस्ट में हम घर में आसानी से खीरा उगाने की पूरी जानकारी के बारे में जान लेते हैं.

खीरा को गमला में उगाने का जोरदार तरीका

खीरा लगाने का सही समय

खीरा चाहे घर पर गमले में लगाएं या अपने होम गार्डन या खेतों में खीरा को लगाने से पहले मौसम की सही जानकारी का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. अतः खीरे को लगाने का सही समय गर्मियों के लिए फरवरी और मार्च तथा बरसात के लिए जून और जुलाई का महीना उपयुक्त माना जाता है. खीरा ठंढ को सहन नहीं कर पाती है इसलिए या गर्मी या बरसात में ही उगाई जाती है.

घर में खीरा उगाने की सामग्री

  • गमला या कंटेनर
  • खेत की उपजाऊ मिट्टी
  • खीरे के बीज
  • गोबर की खाद
  • बालू
  • सरसों की खली
  • पानी

हाइब्रिड खीरा का बीज

गमले या गार्डन में खीरा जब भी लगायें हमेशा हाइब्रिड खीरा का बीज ही बोयें. हाइब्रिड बीजों की खासियत यह होती है की इनमे रोग कम लगते हैं, फल अधिक लगते हैं और पौधे अधिक दिन तक चालते हैं जिससे पैदावार अधिक मिलती है. इसलिए किसान अपने खेतों में हमेशा हाइब्रिड खीरा की खेती ही करते हैं.

गमले में खीरा कैसे लगाएं

यदि आप घर पर गमले खीरा उगाना चाहते हैं तो सबसे पहले गमले का आकार का चुनाव करना चाहिए. इसके लिए 15 X 15 इंच, 18 x 18 या इससे बड़े गमले या ग्रो बैग को उपयोग में लेना चाहिए.

गमले में खीर लगने के लिए आपको मिट्टी, गोबर की खाद और बालू को आपस में मिक्स करके मिट्टी को उपजाऊ बना लेना बहोत आवश्यक है.

गमले में खीरा लगाने के लिए आपको सबसे पहले खेत की मिट्टी लेनी होगी.
खेत की मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए उसमें गोबर की सड़ी हुई खाद या मुर्गियों की सड़ी हुई खाद को अच्छी तरह ,मिला देना चाहिए.
खेत की मिट्टी और गोबर की खाद दोनों बराबर मात्रा में लेनी चाहिए.
गमले में पानी की जलधारण क्षमता को बनाये रखने तथा मिट्टी को soft (मुलायम) रखने के लिए उसमें 20% बालू तथा 10% cocopeat को भलीभांति मिला दें.
अब सभी मात्रा का 10% सरसों की खली की खाद मिला दें.
इन सभी का अच्छी तरह से मिश्रण तैयार करने के बाद इन्हें गमलों में भरकर किसी भी प्रकार का पौधा लगाया जा सकता है.

अब मिट्टी को पुरे गमले में भर लें ताकि पौधे की अच्छी तरह ग्रोथ हो सके. इसके बाद गमले में भरे मिट्टी में किसी लकड़ी की सहायता से 4 से 5 लगभग 1 इंच गहरी छेद बनायें. अब इन छेदों में 1-1 बीज को डालकर मिट्टी से हलके हांथों ढक दीजिये. और इन्हें ऐसी जगह रखें जहाँ धुप और छाँव दोनों पर्याप्त मिलती रहे.

गमले में खीरे की बुआई के 7 दिनों के बाद अप देखेंगे की बीजों में अंकुरण आना शुरू हो जाता है. और कुछ ही दिनों में इनमे से बेल या लताएँ निकालनी शुरू हो जाती हैं. अगर बोये गए सभी बीजों का जमाव हो जाता है तो प्रति गमले में केवल 2 या 3 पौधे को छोड़कर सभी को निकाल देना चाहिए.

अब इनकी बेलों को धागे या किसी लकड़ी की मदद से उपर किसी दीवार या मचान पर चढ़ा दें, ताकि इनमे अधिक शाखाएं निकालें. ऐसा करने से इनमे से अधिक शाखाएं तो निकलती हैं साथ ही फल भी अधिक लगते हैं.

गमले में बनाएं छेद

गमले में खीरा लगाने से पहले गमले की तली में 4 से 5 छेद अवश्य बनानी चाहिए. ताकि जब भी गमले में लगे खीरे को पानी देंगे तो फालतू के पानी तली में बने छेद की मदद से बाहर निकाल जाते हैं. अगर गमले में छेद नाहीं होगा तो अधिक पानी होने से पौधे की जड़ें सड़ जाती है जिससे पौधे सूखने लगते हैं.

आवश्यक धूप

गमले में खीरा लगाने के बाद गमले को तेज धुप माँ नहीं रखना चाहिए, और न ही छाँव में ही रखना चाहिए. जब बीजों का अंकुरण पुरी तरह से हो जाये, और उसमे 4 से 5 पत्तियां निकल आयें उसके बाद गमले को धुप में रख सकते हैं.

पानी

गमले या गार्डन में लगे पौद्धों को जीवित रखने के लिए पानी की बहुत बड़ी भूमिका है. इसलिय पौधों को पानी हमेशा सुबह या शाम को देना चाहिए.

घर पर गार्डन में खीरा कैसे लगाएं
सबसे पहले गार्डेन की मिट्टी को कुदाल से गुड़ाई करके मिट्टी को भुरभुरी बना लें.
इनमे गोबर की सड़ी खाद मिलाकर पुनः गुड़ाई करें.
5 फिट की दुरी पर गोल-गोल पिंडी बनायें.
प्रत्येक पिंड पर 4 से 5 बीज बोयें.
नमी न होने पर हल्की सिंचाई करें.
इनकी बेलों को पिंड के ऊपर मचान बनाकर धागे या लकड़ी की सहायता से ऊपर चढ़ाये.
इस प्रकार बीज बुआई के 50 दिन बाद फल आए लगाते हैं.
खीरे की तुड़ाई

जब भी खीरे के फल खाने के लायक तैयार हो जाये तो उन्हें पौधे अलग अवश्य कर लेना चाहिए. यदि फल पौधे में ही पड़े रहेंगे तो पौधे की ग्रोथ रुक जाएगी. और फूल-फल भी आना बंद हो जाएँगी.

खर-पतवार का रखें ध्यान

खीरा गार्डन में लगा हो या गमले में यदि खरपतवार दिखाई दे तो खुरपी या हाथ की सहायता से घास को निकाल दें परन्तु इस बात का ध्यान रहे की खीरे के पौधे की जड़ों को कोई छति ना पहुंचे अन्यथा पौधे मुरझा कर सुख जायेंगे.

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने आपको घर पर खीरा कैसे उगाएं इसके बारे में पूरी जानकारी दी है. कोई भी इच्छुक ब्यक्ति जो ताजे सलाद खाने के शौकीन हैं. ऊपर दी गई स्टेप्स को फॉलो करके बहोत आसानी से अपने घर पर टेरेस गार्डन या होम गार्डन में खीरा को उगा सकते हैं.

FAQ:

Q: गमले में खीरा कब लगाया जाए?

ANS: फरवरी से मार्च और जून से जुलाई महीने में.

Q: खीरा का बीज कौन सा अच्छा होता है?

ANS: हाइब्रिड खीरा का बीज अच्छा होता है.

Q: गमले में खीरा कितने दिन में फल देता है?

ANS: बुआई के 50 दिन बाद.

Q: हाइब्रिड खीरे का बीज 10 ग्राम का रेट?

ANS: 350 से 400 रूपये.

Q: खीरा फल है या सब्जी?

ANS: वानस्पतिक दृष्टी से खीरा एक फल है लेकिन इसे फल और सब्जी दोनों तरीके से उपयोग किया जाता है.

Q: खीरा में कितना पानी होता है?

ANS: खीरा में 96% पानी होता है.

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