Gamale ki mittee ko upajaoo kaise banaen | गमले की मिट्टी को उपजाऊ कैसे बनाएं

बहुत से लोग अपने घरों के आस-पास छोटे बगीचों तथा छोटे garden में गमलों में सब्जियां तथा तरह-तरह के पौधे लगाने के शौकीन होते हैं लेकिन उनको समस्या इस बात की आती है की ताजे सब्जियां उगाकर How to prepare the soil for pot (गमले के लिए मिट्टी कैसे तैयार करें) और Gamale ki mittee ko upajaoo kaise banaen.

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको अपने पर gamale ke lie mittee kaise taiyaar karen तथा सब्जियां उगाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर गमले की मिट्टी को उपजाऊ कैसे बनाएं इसी के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं.

Gamale ki mittee ko upajaoo kaise banaen उसके लिए आवश्यक सामग्री

  • खेत की मिट्टी – लाल मिट्टी, काली मिट्टी या पिली मिट्टी इनमें कोई भी हो.
  • 1 साल पुरानी अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद.
  • मुर्गियों की सड़ी हुई खाद.
  • बालू.
  • सरसों की खली.
  • कोको पीट मिट्टी अनुपात 1/4 भाग.

गमले की मिट्टी कैसे तैयार करें(mitti ko upjau kaise banaye)

यदि आप ताजे सब्जियां खाने के शौकीन हैं और घर पर गमलों में sabjiyaan लगाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको यह जानना चाहिए की पौधों के लिए मिट्टी कैसे तैयार करें(gamle ki mitti kaise taiyar karen) जिससे आपको स्वस्थ और अच्छी सब्जीयां मिल सके.

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gamle ke liye mitti kaise banaye निचे दिए गए Tips को पढ़े-

  1. Gamale ki mittee ko upajaoo banane के लिए आपको सबसे पहले खेत की मिट्टी लेनी होगी.
  2. खेत की मिट्टी को Compost युक्त बनाने के लिए उसमें गोबर की सड़ी हुई खाद या मुर्गियों की सड़ी हुई खाद को अच्छी तरह ,मिलाना चाहिए.
  3. खेत की मिट्टी और गोबर की खाद दोनों बराबर मात्रा में लेनी चाहिए.
  4. Gamale ki mitti में पानी की जलधारण को बनाये रखने तथा मिट्टी को soft (मुलायम) रखने के लिए उसमें 20% बालू तथा 10% cocopeat मिला दें.
  5. 10% सरसों की खली की खाद मिला दें.
  6. इन सभी का अच्छी तरह से मिश्रण तैयार करने के बाद इन्हें गमलों में भरकर किसी भी प्रकार का पौधा लगाया जा सकता है.

गमले में उगने वाली सब्जियां(pot-grown vegetables)

यदि गमले में उगने वाली सब्जियां की बात करें तो उसमें हम बैंगन, भिंडी, मिर्च, नेनुआ, भिन्डी, तरोई, लौकी, लहसुन, धनियाँ, करेला, गोभी, प्याज आदि बहोत तरह की सब्जियों को उगा सकते हैं.

कोकोपीट के फायदे(benefits of using cocopeat)

  • कोकोपीट mitti ke liye इसलिए फायदेमंद होता है की दोनों का मिश्रण होने से mitti कठोर नहीं होने पाती है. और मिट्टी मुलायम रहती है जिससे जड़ों का विकास अच्छा होता है.
  • मिट्टी में कोकोपीट मिलाने से गमले की मिट्टी में कीड़े और बीमारियाँ की समस्या नहीं रहती है.
  • cocopeat ka use करने से गमले के पौधे में सिंचाई कम करनी पड़ती है.
  • गमले की मिट्टी में बालू और कोकोपीट मिला देने से यह गमले के लिए खाद(gamle ke liye khad) के रूप में पौधों को पोषक तत्व देने का काम करता है.
  • कोकोपीट का उपयोग प्रोट्रे में बीजों की नर्सरी डालने के लिए भी होता है.
  • कोकोपीट प्राकृतिक रूप से एंटी-फंगल और 100% ऑर्गैनिक जैविक पदार्थ होता है, इसलिए गमले में उगने वाली सब्जियां या बीजों की नर्सरी दलने से इसमें यानि फंगस लगने की सम्भावना नहीं होती है.
  • कोकोपीट कई तरह के पोषक तत्व जैसे- फॉसफोरस, मैगनीशियम, कॉपर, नाइट्रोजन, पोटैशियम इत्यादि तथा न्यूट्रीशन पाए जाते हैं इसलिए गमले के लिए खाद की जरूरत नहीं पड़ती.
  • कोकोपीट में पौधों की जड़ों को उचित हवा का संचरण होता रहता है.

कोको पीट मिट्टी अनुपात

gamle ki mitti तैयार करने के बाद गमले में पौधे लगाने के लिए कोको पीट तथा मिट्टी(mitti) अनुपात का भी खास ध्यान रखना चाहिए. इसके लिए गोबर की खाद और कोकोपीट का अनुपात 2:1:1 होना चाहिए. यानि आप जितनी मिट्टी तैयार करना चाहते हैं उसमें 1/4 भाग कोकोपीट मिलाना चाहिए.

aaj आपने kya सीखा

तो दोस्तों यदि आप घर पर गमलों में सब्जियां लगाते हैं तो आज की जानकारी Gamale ki mittee ko upajaoo kaise banaen ये लेख आपको काफी पसंद आया होगा और मैं आपको अच्छी से अच्छी Hindi में जानकारी दूँ यही अंतिम निर्णय है.

इस Article में आपको ये पता चला की How to prepare the soil for pot (गमले के लिए मिट्टी कैसे तैयार करें) अगर आप कोई भी सवाल पूछना चाहते हो तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और हमारे Blog को अभी तक अगर आप Subscribe नहीं किये हो तो जरुर Subscribe करें धन्यवाद.

 

FAQ

गमले में कौन कौन से पौधे लगाएं?

अपनी सुविया के अनुसार गमले में कोई भी पौधे लगाएं जा सकते हैं जैसे-तुलसी, गेंदा, टमाटर, बैंगन, गुलाब आदि.

पौधों की ग्रोथ कैसे बढ़ाए?

पौधों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए सही मात्रा में खाद और पानी देते रहना चाहिए तथा समय- समय पर पौधों की निराई-गुड़ाई करके पौधों को कीड़े व बीमारी से बचाना चाहिए.

फूल में कौन सा खाद डालें?

फूलों में गोबर की खाद, मुर्गियों की सड़ी हुई खाद, Phosphorus, पोटाश तथा calcium डालना चाहिए.

अशोक का पेड़ कहां लगाना चाहिए?

अशोक का पेड़ घर के उत्तर दिशा में लगाना चाहिए जिससे सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहती है.

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