किसानों के लिए खुशखबरी: गाय-भैंस के गोबर से चलेंगे 270 हार्स पवार के ट्रैक्टर, लागत में आएगी कमी

Gobar se chalne wala tractor: किसानों को कम लागत में अधिक लाभ देने के लिए न सिर्फ भारत की राज्य सरकारें तरह-तरह की योजनायें लाती रहती हैं. बल्कि विभिन्न कम्पनियाँ भी तरह-तरह के सस्ते और अच्छे कृषि उपकरणों का अविष्कार करते रहते हैं. इसी बीच किसानों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है. इस बार ट्रैक्टर बनाने वाले कम्पनी ने गाय-भैंस के गोबर से चलने वाले ट्रैक्टर का अविष्कार किया है.

गाय-भैंस के गोबर से चलेंगे 270 हार्स पवार के ट्रैक्टर

गोबर से चलने वाले ट्रैक्टर के लाभ

जहां किसानों के डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर से खेतों की जुताई और बुआई करने में हजारों रुपये खर्चा हो जाते थे. वहीँ अब गोबर चलने वाले ट्रैक्टर से किसान अपने खेतों की बहुत कम खर्चे में जुताई और बुआई तो करेंगे ही, इसके साथ किसान पशुपालन करके दूध और गोबर बेचकर रोजगार और समृद्धि भी प्राप्त करेंगे.

कैसे चलेगा गोबर से ट्रैक्टर

गोबर गैस से प्राकृतिक ईंधन का निर्माण सदियों से होता चला आ रहा है. लेकिन अब गाय-भैंस के गोबर से लिक्विफाइड मिथेन गैस बनाकर इससे ट्रैक्टर चलाया जा सकेगा. कंपनी का कहना है की यह डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर के जितना ही दमदार और चलने में तेज होगा. और यह प्राकृतिक होने के कारण किसानों को ट्रैक्टर में महंगे डीजल तेल की रूरत नहीं होगी. बल्कि बहुत कम खर्च में ही किसान अपने खेतो की जुताई-बुआई कर सकेंगे.

270 हार्स पवार का होगा गोबर से चलने वाला ट्रैक्टर

न्यू हालैंड ने Gobar se chalne wale tractor का निर्माण एक ब्रिटिश कंपनी के बेनामैन के साथ मिलकर पार्टनरशिप में बनाया है. ये कम्पनियाँ कई वर्षों से बायो मिथेन गैस प्रोडक्सन पर कार्य कर रही थीं. कंपनियों ने बताया की गाय-भैंस के गोबर से बहुत आसानी से मिथेन गैस का उत्पादन किया जा सकता है.

क्रायोजेनिक टैंक से मीथेन से बनेगा लिक्विड

Gobar se chalne wale tractor इस ट्रेक्टर में मीथेन को लिक्विड में बनाये रखने के लिए क्रायोजेनिक टैंक लगा रहेगा. इस टैंक की यह खासियत होगी की यह जीरो से निचे 162 डिग्री सेंटीग्रेट पर मिथेन गैस को तरल रखने का काम करेगा. जिससे ट्रैक्टर को डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर के जितना ही शक्ति मिलेगा.

बायो मिथेन गैस से ट्रैक्टर सहित चलेंगे अन्य वाहन

रिपोर्ट के अनुसार गोबर से चलने वाले ट्रैक्टर की कंपनियों ने बताया की भविष्य में बायोमिथेन गैस के इस्तेमाल को और आगे तक ले जाया जायेगा. उन्होंने बताया की इसके उपयोग से ट्रैक्टर सहित अन्य वाहन को भी चलाने की योजना के बारे में विचार किया जा रहा है.

गोबर से चलने वाले ट्रैक्टर से कम होगा प्रदूषण

गोबर से चलने वाले इस ट्रैक्टर से किसानो का खर्च डीजल ट्रैक्‍टर के मुकाबले बहुत कम तो होगा ही. साथ ही इससे प्रदूषण कम होगा, और इससे पर्यावरण को शुद्ध रखने में सहायता मिलेगी. एक रिसर्च में पाया गया की ट्रैक्टर एक वर्ष में कार्बनडाईआक्साइड उत्सर्जन को 2,500 टन से कम करके 500 टन तक पहुंचाता है.

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