Home खेती-किसानी खीरा की खेती से किसान हो रहे मालामाल, मिल रहे अच्छे दाम

खीरा की खेती से किसान हो रहे मालामाल, मिल रहे अच्छे दाम

साल 2020 और 2021 में जैसे ही गर्मियों के सीजन में खीरे की आमदनी शुरू होती थी वैसे ही कोरोना तेजी से अपना पैर पसार देती थी. और लाकडाउन लगने के कारण बहुत मार्केट बंद हो जाते थे साथ लोग घर से बाहर भी नहीं निकाल पाते थे जिससे ब्यापारी मंडियों से खीरे की खरीदारी करना बंद कर देते थे.

उन 2 सालों में खीरे की इतनी खराब स्थिति हो है थी की 2 रुपये से लेकर 5 रूपरे प्रति किलो खीरे की बिक्री होती थी. और कभी-कभी तो ब्यापारी 1 रुपये किलो भी लेने को तैयार नहीं होते थे. इस प्रकार किसान अपने खीरे की खेती में लगे लागत को भी नहीं निकाल पाते थे.

किसान हो रहे मालामाल

बीते 2 सालों में खीरे की खेती करने वाले किसान इतने निराश हो गए थे की इस साल 2022 में लगभग 80% किसान यह सोचकर खीरा की खेती करना बंद कर दिए की कहीं फिर से लाकडाउन जैसी नौबत न आ जाय.

लगातार 2 साल कोरोना की मार और लाकडाउन की प्रहार से किसानों ने इस प्रकार खीरे की खेती करना बंद कर दिया की इस वर्ष खीरे के भाव आसमान छूने लगे हैं. जिन किसान भाइयों ने इस बार गर्मियों में खीरे की खेती नहीं की है. मंडियों में खीरे के इतने तगड़े भाव को देखकर उनके पैरों से जमीन खिसक गई है.

क्या है खीरे का भाव

लाकडाउन के कारण जहाँ पिछले 2 साल खीरे के दाम 2 रुपये से लेकर 5 रूपरे प्रति किलो बिक रहे थे वहीँ इस साल खीरे की बुआई कम होने के कारण मंडियों में खीरे के थोक भाव 18 रुपये किलो से लेकर 30 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं.

नवरात्रि और शादी की शुभ लग्न में खीरे की डिमांड और अधिक बढ़ जाती है. इस प्रकार अनुमान लगाया जा रहा है की खीरे के दाम और भी महंगे हो सकते है. मंडियों में खीरे की इतनी मारामारी हो रही है की ब्यापारी डायरेक्ट किसान के खेत से ही मंडियों से ऊँचे दामों पर खीरे की खरीदारी कर रहे हैं.

किसानों को हो रहा पछतावा

पिछले 2 सालों में जिन किसान भाइयों ने खीरा लगाया था उनमे से लगभग 80% लोगों ने खीरे की खेती की थी करना ही बंद कर दिया. और यहीं कारण है की इस साल मंडियों में खीरे के दाम असमान छू रहे हैं. खीरे के इतने तगड़े भाव को देखकर किसानों को केवल पछतावा हो रहा है.

इन सब्जियों के भाव भी हैं तगड़े

लाकडाउन का असर खीरा पर ही नहीं बल्कि गर्मियों में उगाने वाली सभी सब्जियों पर देखने को मिलता था. पिछले 2 सालों में टमाटर के भाव भी 1 रुपये से लेकर 2 रुपये किलो बिक रहे थे. लेकिन खीरे की तरह इस साल टमाटर के भाव में भी अभी से तेजी का रुख देखने को मिल रहा है.

लौकी, नेनुआ, कोहड़ा, टमाटर, भिन्डी, करेला, ककड़ी इत्यादि सभी सब्जियों के भाव में भी काफी तेजी देखने को मिल रही है.

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