धनिया के बीज कैसे बोए जाते हैं | नए तरीके धनिया बोने की विधि

धनिया के बीज कैसे बोए जाते हैं | नए तरीके धनिया बोने की विधि, dhaniya bone ki vidhi

धनिया के बीज कैसे बोए- धनियाँ एक ऐसी फसल है जिसकी हरी पत्तियाँ सब्जियों तथा सलाद में प्रयोग किये जाते हैं. तथा इनके सूखे बीज भोजन में मसाले के लिए प्रयोग किये जाते हैं. ऐसे अगर किसान धनिया की खेती करते हैं तो बहुत कम समय में ही अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. तो दोस्तों आज हम आपको धनिया के बीज कैसे बोए जाते हैं तथा नए तरीके धनिया बोने की विधि के बारे में बताने जा रहे हैं. अगर आप भी धनियाँ बोने की इस नई विधि के बारे में जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें. यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें.

छिटकवा विधि धनिया के बीज कैसे बोए

आमतौर पर देखा जाता है की अक्सर गाँव के किसान सर्दियों में बीज उत्पादन के लिए धनिया की बुआई छिटकवा बिधि से करते हैं. इस विधि से धनिया की बुआई तो बहुत जल्दी हो जाती है. लेकिन ज्यादातर बीज मिट्टी में दब जाते और जमाव बहुत कम होता है. और इससे धनिया के उपज पर बहुत प्रभाव पड़ता है.

मेड़ बनाकर उँगलियों से धनिया बोने की विधि

बहुत से लोग धनियाँ की खेती के लिए विधिवत खेत को तैयार कर लेते हैं उसके बाद पुरे खेत में एक साथ मेड़ बनाकर फिर धनिया के बीज को चुटकियों से मिट्टी में गोदते हैं. इस विधि से धनियाँ की बुआई करने में काफी समय लगता है और मजदूर भी अधिक लगते हैं. यानि इस विधि धनिया की बुआई करने से श्रम और मेहनत दोनों अधिक लगते हैं. परन्तु बीजों का जमाव एक साथ और बहुत अच्छा होता है. धनियाँ बोने की इस विधि का प्रयोग जुलाई के महीने में यानि बरसात में किया जाता है.

नए तरीके धनिया बोने की विधि

धनिया बोने की यह विधि ऊपर बताये गए दोनों तरीकों के बीच की कड़ी है. इस विधि से धनिया की बुआई मेड़ पर और छिटकवा दोनों तरीके से की जाती है लेकिन इस तरीके से धनिया की बुआई करने से सभी बीजों का जमाव तो अच्छा होता ही है साथ ही श्रम और मेहनत दोनों बचते हैं. इस विधि से धनिया की बुआई करने के लिए सबसे पहले खेत की अच्छी तरह से तैयारी करने के बाद फावड़ा से पुरे खेत में मेड़ बना लेनी चाहिए, उसके बाद मेड़ के उपरी भाग को 2 इंच मिट्टी को हाथ की सहायता से निचे गिराकर मेड़ को समतल कर लेना चाहिए. इतना करने के बाद धनिये के बीज को समतल मेड़ पर गिरा देना चाहिए.

धनिये के बीज को पुरे मेड़ पर छिटकाव करने के बाद गिरी हुई मिट्टी से बीज को मिट्टी से ढक देना चाहिए. धनिया बोने की यह विधि बहुत ही अच्छी मानी जाती है. इस तरीके से धनिया की बुआई करने से जमाव बहुत जल्दी होता है. इस बात का ध्यान रहे की अच्छी ऊपज लेने के लिए हमेशा हाइब्रिड धनिया का बीज ही बोना चाहिए.

धनिया की खेती में खरपतवार नाशक दवा

धनिया की खेती में खरपतवार नियंत्रण के लिए बहुत अधिक श्रम और मेहनत की जरुरत नहीं होती है. क्योंकि धनिया की बुआई के लगभग 50 दिन बाद मंडियों में बेचने के लायक तैयार हो जाते हैं. धनिया में खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव बुआई के तुरंत बाद किया जाता है. बीजों की बुआई के तुरंत बाद पेंडीमेथिलिन 100ml दवा को 15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने से खरपतवार ऊपर नहीं निकलने पाते हैं. जब खरपतवारों को निकलने का समय आता है तब-तक हरी धनिये की कटाई करने का समय आ जाता है.

धनिया पीला क्यों पड़ता है?

अक्सर देखा जाता है की किसान धनियाँ की खेती करने लिए खेत की बहुत अच्छी तरह से जुताई करते हैं. और उसमें खाद व उर्वरकों का भी उचित मात्रा में प्रयोग करते हैं लेकिन जब धनिये की पौध में पत्तियाँ निकलने का समय होता है. तब देखा जाता है की धनियाँ की पत्तियाँ पीली होने लगती हैं. और पीला होने के कारण इनका अच्छे से विकास नहीं होने पाता है. धनिया पीला होने का मुख्य वजह यह होता है की जिस खेत में धनियाँ की बुआई की गई है उसमें पिछली फसल अधिक पानी वाली ली गई होती है.

FAQ

Q1- धनिया बोने का सही समय क्या है?

ANS- अगस्त से जून तक.

Q2- धनिया का बीज कितने दिन में उगता है?

ANS- 7 से 10 दिन में.

Q3- 1 एकड़ में धनिया का बीज कितना लगता है?

ANS- 1 एकड़ में धनिया का बीज 20 से 25 किलो लगता है.

Q4- धनिया में की खरपतवार नाशक दवा का स्प्रे करें?

ANS- पेंडीमेथिलिन 100ml दवा को 15 लीटर पानी में.

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