Home खेती-किसानी लोबिया की खेती कैसे करें | बोड़ा की खेती | bora ki...

लोबिया की खेती कैसे करें | बोड़ा की खेती | bora ki kheti

बम्पर कमाई के लिए करें लोबिया की उन्नत खेती  bora ki kheti

बोड़ा की खेती | bora ki kheti | kheti aur kisani | मई जून की खेती | लोबिया की खेती कैसे करें | लोबिया में लगने वाले रोग | लोबिया की खेती का समय | लोबिया के अन्य नाम | चवला की खेती | लोबिया किसे कहते हैं | लोबिया का वानस्पतिक नाम

bora ki kheti फरवरी से लेकर जुलाई महीने तक किसी भी समय किया जा सकता है. लेकिन मई और जून महीने में की गई बोड़ा की खेती से बहुत अच्छा मुनाफा कमाया जाता है.

बोड़ा को कुछ किसान बोरा, चवला की खेती, बरबटी या लोबिया के नाम से भी जानते हैं. इसकी खेती किसी लकड़ी के सहारे द्वारा मचान बनाकर या जमीन पर दोनों तरह से की जाती है. तो दोस्तों चलिए हम जान लेते हैं की लोबिया की खेती कैसे करें, लोबिया की खेती का समय क्या है और लोबिया में लगने वाले रोग से फसल को कैसे बचाया जाता है.

लोबिया की खेती का समय

लोबिया की खेती का समय फरवरी से लेकर अगस्त महीने तक कभी भी किया जा सकता है. लेकिन इन्हें लगाने के लिए बीजों की प्रजातियाँ भिन्न-भिन्न होती हैं.चवला की खेती या लोबिया की खेती के लिए गर्म एवं शुष्क मौसम की आवश्यकता पड़ती है. इसलिए इसे सर्दियों में नहीं लगाया जाता है क्योंकि यह पाले को सहन नहीं कर पाती है.

बोड़ा की खेती के लिए खेत की तैयारी

लोबिया की खेती करने के लिए गर्मियों में गेहूं की कटाई करने के बाद खेत को पलेवा करके छोड़ देना चाहिए. उसके बाद जब खेत जुताई के लिए तैयार हो जाएँ तब कल्टीवेटर से गहरी जुताई करके खेत तो 15 से 20 दिनों के लिए छोड़ देना चाहिए. ताकि तेज धुप से जमीन में उपस्थित हानिकारक कीट मर जाएँ. इसके बाद पुनः कल्टीवेटर से पाटा लगाकर खेत की जुताई कर देनी चाहिए ताकि मिट्टी के ढ़ेले फूट जाएँ.

देशी खाद और उर्वरक

खेत की अंतिम जुताई के पहले एक छोटी ट्राली मुर्गियों की खाद तथा 60 किलो DAP और 80 किलो यूरिया डालकर रोटावेटर से जुताई कर देनी चाहिए. ताकि मिट्टी में खाद एकसमान मिल जाएँ और फसल अच्छी हो.

लोबिया बीज की उन्नत किस्में

bora ki kheti से अधिक पैदावार लेने के लिए अच्छी एवं हाइब्रिड किस्मों का होना बहुत आवश्यक है ऐसे में किसान भाइयों को चाहिए की अपने राज्यों में चल रहे अनुकूल बीजों का ही चुनाव करें, इसके लिए आप अपने नजदीकी कृषि खाद बीज की दुकान में संपर्क करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. पूसा कोमल, अर्का गरिमा, तेजस्विनी, पूसा बरसाती, पूसा फालगुनी, पूसा दोफसली इत्यादि.

बीज बुआई

मुख्य खेत में लोबिया की बुआई करने से पहले फावड़ा की सहायता से 3 फिट की दुरी पर खड्डा बनाकर सभी खड्डों के दोनों ओर 6 इंच की दुरी पर एक-एक बीजों की बुआई के देनी चाहिए. इसके बाद अगर बुआई करने के बाद खेतों में नमी न हो तो कतारों में पानी भर देना चाहिए जिससे बीजों का जमाव बहुत अच्छा होता है.

सिंचाई

अगर आप मई,जून में बोड़ा की खेती करते हैं तो इन महीने में गर्मी बहुत अधिक पड़ती है तथा तेज हवाओं के कारण पानी का वास्पीकरण बहुत तेज होता है. इसलिए इन दिनों सिंचाई 2 से 3 दिनों के अंतराल पर करनी चाहिए. इस बात का ध्यान रहे की सिंचाई हमेशा शाम को तथा हल्की करनी चाहिए. क्योंकि अधिक पानी देने से पौधे की बढ़वार काफी तेज होती है और फली देर से आती है.

लोबिया के अन्य नाम

जिस प्रकार हमारे देश में अलग-अलग राज्यों में भिन्न-भिन्न भाषाएँ बोली जाती हैं उसी तरह हर राज्यों में एक ही सब्जियों को बहुत नामों से जाना जाता है. हम अगर लोबिया के अन्य नाम की बात करें तो इसे- बोड़ा, चौला या ‘चौरा, लोबिया, चवली, बरबटी, काली आंख वाली मटर इत्यादि नामों से जाना जाता है. और वहीं अंग्रेजी में इसे काउपिया के नाम से जानते हैं.

तुड़ाई

बीजों की बुआई करने के 50 दिन बाद इनमे फूल आना दिखाई देने लगते हैं. और 60 दिन बाद लोबिया की तुड़ाई होना शुरू हो जाती है. तुड़ाई हमेशा सुबह या शाम को तथा 1 दिन के गैप(अंतराल) पर करना चाहिए. देर से तुड़ाई नहीं करनी चाहिए. क्योंकि इनके सब्जी की बढ़वार बहुत तेज होती है. और देर से तुड़ाई करने पर सब्जियाँ मोटे हो जाते हैं और मंडियों में नहीं बिक पाते हैं.

लोबिया में लगने वाले रोग और उपचार

bora ki kheti में फली छेदक कीट से फसल को तथा फसल उत्पादन को बहुत भारी नुकसान होता है. फूल आने के समय ही तितिलिया और मक्खियाँ अपने अण्डों को फूलों में छोड़ती हैं जो आगे चलकर इल्लियों का रूप धारण कर लेती हैं.

इन इल्लियों के प्रकोप से फसलों को बचाने के लिए AK 57 कीटनाशक 25ml, तथा क्युराक्रान 20ml प्रति 15 लिटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए.

Conclusion: bora ki kheti: हमने आज आपको इस आर्टिकल में लोबिया या बोड़ा की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दिया है. उपरोक्त जानकारी हमने अपनी हमने अपनी एक्सपीरियंस से दिया है. अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरुर करें.

यह भी पढ़ें:

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version