किसानों को मिलेंगे निःशुल्क 9 उन्नत किस्मों के सरसों के बीज, जल्दी करें आवेदन

रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहनी फसल सरसों की खेती की तैयारी किसान भाई शुरू कर दिए हैं. ऐसे में किसानों को अधिक पैदावार देने वाले उन्नत किश्मों की सरसों के बीज की जरुरत होती है. ऐसे में किसानों को अधिक लाभ प्रदान करने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा किसानों को 9 प्रकार के उन्नत किश्मों के बीज बिल्कुक निःशुल्क किये जायेंगे.

देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्थान सरकार के द्वारा निःशुल्क सरसों बीज वितरण कराया जा रहा है. सरकार के इस निर्णय से राज्य के लाखों किसानों को फायदा तो होगा ही साथ ही तिलहन के अधिक उतपादन से बाहर के देशों से आने वाले तेल के आयात से राहत मिलेगी और देश का धन भी बच सकेगा. तो दोस्तों चलिए हम जानते हैं की फ्री सरसों का लाभ राज्य के किन किसानों को वितरित किया जायेगा. और कौन किसान इसके पात्र होंगे.

किसानों को मिलेंगे निःशुल्क 9 उन्नत किस्मों के सरसों के बीज, जल्दी करें आवेदन

निःशुल्क सरसों बीज वितरण क्या है

किसानों को रबी सीजन में अधिक पैदावार वाली सरसों के बेहतर बीज वितरित करके किसानों के आय तथा उनकी आर्थिक स्थिति में इजाफा करने के लिए राजस्थान सरकार की तरफ से राज्य के 30 जिलों में रबी सीजन 2022-2023 में राष्ट्रिय खाद्य सुरक्षा मिशन-तिलहन के अंतर्गत सरसों के विशेष कार्यक्रम के तहत 9 प्रकार के सरसों के नई उन्नत किश्मों के बीज वितारीर किये जा रहे हैं.

3 लाख हेक्टेयर खेत में होगी सरसों की बुआई

राजस्थान राज्य के 30 जिलों में किसानों को सरसों के उन्नत बीजों के 734400 मिनी किट प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है. इन सभी मिनी किट के प्रत्येक किट में उन्नत सरसों के 2 किलो बीज दिए जायेंगे. जिससे 734400 मिनी किट के प्रयोग से 3 लाख हेक्टेयर खेत में सरसों की खेती की जा सकेगी. जिससे राज्य में न केवल सरसों की बम्पर पैदावार होगी बल्कि साथ में सरसों की बुआई का रकबा बढ़ने से निःशुल्क मिनी किट द्वारा किसानों की आय में भी बृद्धि होगी.

दिए जायेंगे निःशुल्क 9 वरायटी के सरसों के बीज

गिरिराजजी.एम.-3पी.एम.-31
सी.एस. – 58सी.एस.-60आर.जी.एन.-298
आर.एच.– 725आर.एच.-749आर.एच.- 761
क्या है इन 9 किश्मों के सरसों की विशेषता
  • गिरिराज किश्म से प्रति हेक्टेयर उपज 25 कुंतल तक होती है
  • इसमें फलियाँ अधिक होती हैं
  • ये किश्में अधिक पैदावार देने वाली होंगी
  • अधिक उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि होगी
  • ये किश्में रोग प्रतिरोधक क्षमता की होगी
  • इसमें शाखाएँ यानि कल्ले अधिक निकलते हैं
  • आर.एच.– 725 किश्म 135 से 145 दिन में पककर तैयार हो जाती है
  • इनमें दानों की मात्रा अधिक होती है
  • इनके दाने वजनदार होने से तेल अधिक निकलते हैं
कौन होंगे नि:शुल्क मिनी किट के पात्र

राजस्थान सरकार द्वारा राज्य में तिलहन की पैदावार तथा रकबा बढ़ाने के लिए साथ ही नि:शुल्क मिनी किट देने के लिए पात्रता तय की गई है. जिसके अंतर्गत मिनी किट का आयोजन जिले के ग्राम पंचायतों के गावों में किया जायेगा. जिसमें लगभग 25 हेक्टेयर का क्लस्टर बनेगा, और मिनी किट का वितरण का लाभ 50 प्रतिशत लघु एवं सीमान्त महिला कृषकों को प्राप्त होगा. इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति एवं गरीबी रेखा में जीवनयापन करने वाले कृषकों एवं गैर–खातेदार/ खातेदार किसान को प्राथमिकता मिलेगी.

निःशुल्क सरसों बीज हेतु यहाँ करें आवेदन

निःशुल्क 9 वरायटी के सरसों के बीज का लाभ लेने के लिए किसान भाइयों को सबसे पहले आवेदन करना होगा. इसके लिए किसान भाइयों को राज किसान साथी पोर्टल पर विजिट करना होगा. किसान भाई https://rajkisan.rajasthan.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

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