अच्छी कमाई के लिए मेथी की खेती कब और कैसे करें | methi kaise ugaye

मेथी की खेती कब और कैसे करें | methi kaise ugaye

मेथी की बुवाई कब करें | Methi kheti | सोया मेथी की खेती | Soya methi ki kheti | मेथी में खरपतवार नाशक दवा | सोया साग की खेती | हरी मेथी का भाव | मेथी कब बोई जाती है | मेथी की खेती की जानकारी | मेथी में कौन सी खाद डालें | मेथी के बीज कैसे बोएं

रबी की मौसम में बोई जाने वाली मेथी की फसल एक पत्तेदार वाली औषधीय फसल है. हरी मेथी की खेती इससे इलाकों में नहीं करना चाहिए जहाँ अधिक बारिश होती हो, इसकी हरी पत्तियां साग बनाकर खाने के उपयोग में लिया जता है. और इसके सूखे दाने मसाले के रूप उपयोग किए जाते हैं. इसके दाने में फॉस्फोरस, फॉलिक एसिड, आयरन, सोडियम, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फाइबर्स, प्रोटीन जैसे अनेक प्रकार के तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.

मेथी की उन्नत खेती के लिए ठंडी जलवायु की अच्छी मानी जाती है. अतः इसकी खेती सर्दियों में करनी चाहिए. मेथी की सबसे अधिक खेती भारत के गुजरात और राजस्थान में की जाती है. साथ ही इसकी खेती उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में की जाने लगी है. तो नमस्कार दोस्तों आज हम आपको मेथी की खेती कैसे करें तथा मेंथी के Fasal ki kheti से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी को विस्तार से बताने जा रहे हैं. अगर आप भी यह जानना चाहते हैं की methi kaise ugaye, मेथी की खेती का समय क्या है तथा मेथी की बुवाई कैसे की जाती है तो मेथी की खेती की जानकारी के लिए इस आर्टिकल को जरुर पढ़ें.

मेथी की खेती का समय

Methi bone ka sahi samay सर्दियों का मौसम माना जाता है. अतः मेथी की खेती नवम्बर से लेकर मार्च महीने तक की जाती है. लेकिन यदि इसकी अगेती खेती की बात करें तो अक्टूबर के महीने में मेथी की अगेती खेती की जाती है. तथा दक्षिण भारत के किसान methi ki kheti बारिश में भी उगाते हैं. क्योंकि वहां औसत बारिश होती हैं. क्योंकि मेथी की फसल सर्दियों में उगाई जाती है, इसलिए अन्य फसलों की तुलना में इसमें पाला सहने की क्षमता बहुत अधिक होती है.

मेथी की खेती के लिए खेत की तैयारी

यदि आप चाहते है कि मेंथी की बुआई के बाद बीजों का जमाव एक समान तथा अच्छे तरीके से हो तो इसके लिए आपको मेथी की बुवाई से पूर्व खेत को अच्छी तरह तैयार करके मिट्टी को भुरभुरी बना लेना चाहिए. खेत की तैयारी के लिए मुख्य खेत को कल्टीवेटर की सहायता से भूमि की गहरी जुताई करके पाटा चला दें जिससे मिट्टी भुरभुरी हो जाये.

मेथी में कौन सी खाद डालें?

आब बात आती है मेथी की खेती में उर्वरकों की तो इसमें खेत की अंतिम जुताई के समय प्रति बिस्से के हिसाब से 50 kg अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद तथा 2 kg DAP डालना चाहिए. और कुछ इलाकों में दीमक का प्रकोप बहुत अधिक होता है. ऐसे इलाके में अंतिम जुताई के साथ ही मिथाइल पैराथियान का चूर्ण 2.5 ग्राम प्रति बिस्वा की दर से मिला देना चाहिए. और यदि methi ki kheti हरी साग के लिए कर रहे हैं तो जब methi ke paudhe 2 इंच के हो जाएँ उस समय मेथी उत्पादन बढ़ाने के लिए 1 kg यूरिया प्रति बिस्से के हिसाब से खेत म डालकर सिंचाई कर दें.

मेथी की उन्नत किस्में

मेथी की उन्नत किस्मेंमेथी के गुणकटाईपकने की अवधिउत्पादन
कसूरी मेथीपत्तियां छोटी आकार की2-3 बार कटाईलगभग 5 महीने60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
हिसार सुवर्णादाने और हरी पत्तियों दोनों लिएदो से तीन कटिंग130 दिन15 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर
हिसार माधवीसिंचित और असिंचित दोनों भूमि में उगायेंदो कटिंग130 से 140 दिन20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
कश्मीरी मेथीपहाड़ी इलाकों में लगाने के लिएदो से तीन कटाई120 से 130 दिन18 क्विंटल /हेक्टेयर
हिसार मुक्तउत्तर भारत के सभी राज्यों में उगाने हेतु2 बार130 दिन20 से 25 क्विंटल /हेक्टेयर
हिसार सोनालीहरियाणा, राजस्थान और पंजाब के लिए उत्तम1 से 2 कटाई150 दिन20 क्विंटल /हेक्टेयर
एम. एल. 150पौधे पर फलियाँ अधिक आती हैं1 कटाई120 दिन18 से 20 क्विंटल /हेक्टेयर
यू एम 112हरी पत्ती और दाने दोनों के लिए उपयुक्त1 कटाई120 से 140 दिन40 से 50 क्विंटल /हेक्टेयर

इसके अलावा नेक प्रकार की मेंथी की उन्नत किश्में जैसे- आर एम टी 1, आर एम टी 143, ए एफ जी 2, एन आर सी एस एस एम एस 1, ए एफ जी 1, राजेन्द्र क्रांति, आर एम टी 1, पूसा अर्ली बंचिंग, एच. एम. 219 इत्यादि पाई जाती हैं.

मेथी के बीज कैसे बोएं | How to grow methi

खेतों की मिट्टी में उपस्थित फफूंद बीज जमने की अवस्था से ही पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में मुख्य खेतों में मेथी के बीजों की बुआई करने से पूर्व 2ग्राम बाविस्टिन प्रति किलो बीज के हिसाब से बीजों को उपचारित कर लेना चाहिए. इसके बाद ही मेथी की बिजाई मुख्य खेत में करके छोटी-छोटी क्यारियां बना दें ताकि सिंचाई करने में आसानी हो.

ज्यादातर किसान मेथी के बीज की बुवाई छिटकाव विधि से करते है. इसके अलावा कुछ किसान इसकी बुआई पंक्तियों मे करते हैं. इस प्रकार यदि पंक्तियों में मेथी की बुआई करते हैं तो पंक्ति से पंक्ति की दूरी 22 से 24 सेंटीमीटर की दूरी और 3-5 सेंटीमीटर की गहराई में बोएं. और 1एकड़ खेत में बिजाई के लिए 12 किलोग्राम मेथी के बीज की आवश्यकता होती है.

मेथी में सिंचाई कब करें

मेथी की खेती सर्दियों के मौसम में की जाती है और इन दिनों में मौसम बहुत ठंठ होती है इसलिए मेथी की फसल में सर्दियों में बहुत कम पानी की जरुरत होती है अतः मेथी में सिंचाई 1 सप्ताह के अन्तराल पर की जाती है.

मेथी में खरपतवार नाशक दवा

मेथी में खरपतवार नियंत्रण के लिए मुख्य खेत में मेथी की बुआई करने के तुरंत बाद पेंडीमेथिलीन का उपयोग 1.3 लीटर प्रति एकड़ को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए. यह एक रासायनिक दवा है जो पीले रंग का होता है. पेंडीमेथिलीन 30 ईसी का उपयोग करने से खरपतवार उगने की समस्या नहीं रहती. लेकिन इस बात का ध्यान रहे की इसका छिड़काव खेतों में तब करें जब मिट्टी में पर्याप्त नमी हों. इसके बाद भी यदि मेथी के खेत से खरपतवार निकालने की जरुरत पड़े तो खुरपी यंत्र की सहायता से फालतू के घास को खेत से निकाल दें.

मेथी की कटाई कब करें

अगर बात करें की मेथी कितने दिन में तैयार हो जाती है तो आपको बता दें की मेथी की खेती किसान 2 उद्देश्य से करते हैं. या तो सब्जी के लिए या तो बीज उत्पादन के लिए, तो दोस्तों यदि मेथी की खेती हरी साग के लिए करते हैं तो इसकी कटाई बीज बुआई के 25-35 दिनों के बाद करना चाहिए. और यदि methi ki kheti बीज उत्पादन करने के लिए करते हैं तो इसकी कटाई बुआई के 120-140 दिनों के बाद जब फलियाँ पूरी तरह से पक कर तैयार हो जाएँ तब करनी चाहिए.

मेथी का बीज उत्पादन

मेंथी की बुआई के बाद उसमें पौधे होते हैं और फिर उसमें फूल आयेंगे फिर फलियाँ बनेंगी इसके बाद बुआई के 120 से 140 दिन के बाद जब फलिया सूखने लगे तब मेथी के पौधे की कटाई करें. इसके बाद इनके छोटे-छोटे बंडल बनाकर कहीं धुप मे रख दें. फिर जब अच्छी तरह से बंडल सूख जाएँ तब इनको किसी डंडे से पीटकर बीज को निकाल लें.

हरी मेथी का भाव

मेथी की खेती से होने वाला मुनाफा इस बात पर निर्भर करता है की आप मेथी की खेती हरी साग के लिए कर रहे हैं या बीज उत्पादन के लिए. इस प्रकार यदि आप मेथी की खेती हरी सब्जी के लिए कर रहे हैं तो इससे मुनाफा कमाने के लिए आपको अगेती बिजाई करनी चाहिए, क्योंकि शुरुआत में हरी मेथी का भाव बहुत महंगा होता है. और मंडियों में इसकी कीमत 40 से 70 रूपये किलो होती है. और इसके अलावा यदि आप मेथी का बीज उत्पादन करते हैं तो इसके बीज बहुत महंगे बिकते हैं.

मेथी में लगने वाले रोग

मेथी की फसल में फलियां बनने के समय यदि पत्तियों, पौधों या फूलों पर सफेद चूर्ण दिखाई दे तो इसके फसल को बचाना बहुत ही अवाश्यक है. यह एक प्रकार का फफूंद रोग होता है इससे फसल को बचाने के लिए कापरआक्सीक्लोराईट 2ग्राम का 15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें. इस रोग का प्रकोप होने पर पैदावार में कमी हो जाती है।

FAQ:

Q1. मेथी की खेती किस ऋतु में की जाती है?

ANS: मेथी रबी की फसल है.

Q2. मेथी की खेती कौन से महीने में की जाती है?

ANS: मेथी की खेती नवम्बर से लेकर मार्च महीने तक की जाती है.

Q3. मेथी की फसल कितने दिन में तैयार हो जाती है?

ANS: मेथी की खेती हरी साग के लिए करते हैं तो इसकी कटाई बीज बुआई के 25-35 दिनों के बाद होती है और यदि बीज उत्पादन के लिए करते हैं तो इसकी कटाई बुआई के 120-140 दिनों के बाद जब फलियाँ पूरी तरह से पककर तैयार हो जाएँ तब की जाती हैं.

Q4. मेथी के बीज उगने में कितने दिन लगते हैं

ANS: बुआई के 5 से 7 दिन के अंदर मेंथी के बीजों में अंकुरण हो जाता है.

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