गर्मी में बैगन की खेती कैसे करें? बैंगन में फल आने की दवा

गर्मी में कौन सी खेती करें | बैंगन में फल आने की दवा | गर्मी में बैगन की खेती कैसे करें | baigan ka khet | garmi me baigan ki kheti | baigan ki kheti kaise kare | बैगन की खेती की जानकारी | बैंगन की खेती की सफलता की कहानी | हाइब्रिड बैंगन का बीज | began ki kheti | बैगन की खेती की दवा

बैंगन की खेती एक ऐसी खेती है जो बहोत लम्बे समय तक उपज देता रहता है और साथ-साथ कमाई भी होती रहती है. यह पुरे वर्ष उगाये जाने वाली सब्जी है. बैंगन को खेत के साथ गमले में भी उगाया जा सकता है. चूँकि इसकी खेती पुरे वर्ष की जाती है इसलिए baigan ki kheti किसी भी जलवायु वाली भूमि मे बड़े आसानी से की जा सकती है.

bengan ki kheti की वरायटी अनेक प्रकार की होती है लेकिन सभी क्वालिटी के बैंगन सभी राज्यों में नहीं बिकते हैं इसलिए उसी प्रकार के began ki kheti करना चाहिए जिसकी मांग वहां के ब्यापारी करते हों.

गर्मी में बैगन की खेती कैसे करें

आज हम इस पोस्ट में गर्मी में बैगन की खेती कैसे करें तथा बैगन की खेती की जानकारी देने जा रहे हैं. गर्मियों में की गई began ki kheti में अधिक तापमान होने के कारण इसमे रोग और कीट अधिक लगते हैं. और अगर समय से इसकी देखभाल न किया जाय तो कुछ ही दिनों baigan ka khet रोगग्रस्त होकर बेकार हो जाते हैं. तो किसान भाइयों चलिए हम जानते हैं की गर्मी में बैगन की खेती कैसे करें? और बैंगन की खेती का समय क्या होता है.

गर्मी में बैंगन की सबसे अच्छी किस्म

bangan ki kheti पुरे साल की जाती है इसलिए इसकी बहुत सारी वैरायटी आपको मिल जाएँगी. जैसे- vnr बैंगन के बीज, sungro बैंगन के बीज, इंडो अमेरिकन, पूसा अनमोल, पूसा श्यामल, सेमिनीस, पूसा हाईब्रिड-6, पंत सम्राट इत्यादि हाइब्रिड बैंगन की वैरायटी आपको मिल जाएँगी. जो तरह-तरह के रंग और लम्बाई के होंगे लेकिन इनमे से आप उन्हीं उन्नतशील बीजों की खेती करें जिसकी डिमांड आपके क्षेत्र के मंडियों में होती हो.

garmi me baigan ki kheti से पैसे कमाने के लिए हाइब्रिड बैंगन की खेती ही करनी चाहिए. क्योंकि हाइब्रिड बैंगन का बीज लगाने से इसमें रोग और कीट बहुत कम लगते हैं जिससे उत्पादन अधिक होता है. और कमाई भी अधिक होती है.

बैगन की खेती का समय

अगर गर्मियों में बैगन की खेती की बात करें तो फरवरी और मार्च का महिना गर्मी की बैंगन लगाने के लिए बहुत अच्छा होता है. क्योंकि ज्यादा देर से बैंगन की रोपाई करने से अधिक तापमान और लू चलने के कारण पौधों का विकास ठीक से नहीं हो पाता है. इसलिए 15 जनवरी के बाद बैंगन की नर्सरी डाल देनी चाहिए. तथा फरवरी और मार्च में पौधे की रोपाई मुख्य खेत में कर देनी चाहिए.

बैगन की नर्सरी कैसे तैयार करें

बहुत से किसान नर्सरी तो डालते हैं लेकिन उनकी एक समस्या होती है की या तो बीज ठीक से अंकुरित नहीं होते या नर्सरी मे पौधे जमते तो अच्छे हैं मगर पौधे मजबूत नहीं होते. तो दोस्तों चलिए हम जानते हैं की नर्सरी में स्वस्थ बैंगन की पौध कैसे तैयार करें.

गर्मी में baigan ka kheti करने के लिए फरवरी से मार्च महीने में बीजों की नर्सरी डाल देनी चाहिए. लेकीन जिस स्थान पर नर्सरी डालनी है वहाँ पर सबसे पहले 1 से 1.5 मीटर लम्बी और 3 मीटर चौड़ी क्यारी बनाकर कुदाल से गुड़ाई करके मिट्टी को भुरभुरी कर लें. उसके बाद प्रति क्यारी 200 ग्राम DAP डालकर जमीन को समतल कर लें.

जमीन समतल करने के बाद वहां की मिट्टी को पैर से दबा दे. इसके बाद बैंगन के बीजों को बाविस्टिन या थीरम से उपचारित कर लेवे. फिर दबे हुए समतल जमीन पर लाइन खींचकर हाइब्रिड बैंगन के बीजों की बुआई करें.

बीजों बुआई के बाद भुरभुरे मिट्टी से बीजों को ढक देना चाहिए. इतना करने के बाद जूट की बोरियों से या किसी लम्बे कपड़े से नर्सरी की जमीन को ढक देना चाहिए. फिर इसके बाद इसके ऊपर से पुआल फैला देना चाहिए.

परन्तु यदि आपके नर्सरी की मिट्टी में नमी कम हो तो दवा छिड़कने वाली स्प्रे मशीन से पुअरा/पुआल के ऊपर बारिश की तरह हल्की पानी का छिड़काव कर देना चाहिए.

इसके इतना करने के 1 सप्ताह के बाद आप नर्सरी के किसी कोने से देखें की बीजो में अंकुरण हुआ की नहीं. परन्तु यदि बीज अंकुरण की अवस्था में हों या अंकुरण हो गया हो तो पुआल और कपड़े को हटाकर नर्सरी में हवा लगने दें. फिर नर्सरी की हल्की सिंचाई कर दें.

अगर आप इस तरीके से bagan ki kheti के लिए बैगन की नर्सरी डालते हैं तो बीज बुआई के 35 से 40 दिन में पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जायेंगे. और जब पौधे की मुख्य खेत में रोपाई करनी हो तो एक सप्ताह पहले नर्सरी में पानी डालना बंद कर देना चाहिए.

ऐसा करने से baingan ka podha मजबूत और शख्त होता है. जिससे पौधे निरोगी रहते हैं.

गर्मी में बैंगन का पौधा कैसे लगाएं

बैंगन का पौधा मुख्य खेत मे लगाने से पहले खेतों की अच्छी तरह से जुताई करके मिट्टी को भुरभुरी कर लेना चाहिए इसके बाद अगर आप गोल बैंगन लगाने जा रहे हैं

तो लाईन से लाईन की दूरी 5 फिट और लंबे वाली बैंगन के लिए 4 फिट की दूरी पर फावड़े से खड्डा बना लेना चाहिए. क्योंकि गर्मियों में अधिक तापमान हो जाता है.

जिससे पौधे लगाने पर पौधा सूखने की संभावना रहती है.

खड्डा बनाने के बाद उसमें बैंगन का पौधा लगाने से 1 दिन पहले पानी भर देना चाहिए जिससे नमी बनी रहे. इसके दुसरे दिन उन खड्डों में शाम के समय गोल बैंगन की खेती के लिए 3 फिट तथा लम्बे वाली बैंगन 2 फिट की दुरी पर लगाकर खड्डों में पानी भर दें.

इस विधि से baingan ka ped मुख्य खेत में लगाने से पौधे जल्दी लगते हैं.

बैंगन के पौधे को मिट्टी चढ़ाना और खाद देना

बैंगन का पौधा लगाने के बाद जब पौधे से नई पत्तियां आने लगे तब बैंगन के खेत की 2 बार 15 दिनों के अन्तराल पर कुदाल की सहायता से गुड़ाई कर देना चाहिए. इससे पौधे की जड़ों का अच्छा विकास होता है. ऐसा करने से खरपतवार नष्ट होते हैं, रोग कम लगते है तथा पैदावार बढ़ती है.

2 बार खेत की गुड़ाई करने तथा बैंगन का पौधा लगाने के 30 दिन बाद प्रति पौधा 100 ग्राम DAP और 50 ग्राम पोटाश देकर फरसा से हल्की मिट्टी लगा देना चाहिए. और हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए.

इसके 25 दिन बाद फिर 150 ग्राम DAP और 80 ग्राम पोटाश देकर पौधे को दूसरी बार मिट्टी लगा देना चाहिए. और हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए.

बहुत से किसान भाई गोल हाइब्रिड बैंगन की वैरायटी की खेती करते हैं तो इनमे मिट्टी लगाते समय गोल पिंडी बनाते हैं. अतः किसान गोल बैंगन की खेती में मिट्टी गोलाई में भी चढ़ा सकते हैं.

बैंगन के पौधों को सहारा देना

यदि बैंगन की खेती मल्चिंग पर करते हैं और सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन का प्रयोग करते हैं तो पौधों को सहारे की जरुरत होगी क्योंकि अगर कभी बारिश हो जाती है तो पौधे को गिरने की सम्भावना रहती है. खास करके गोल बैंगन की खेती के लिए तो सहारा देना बहुत ही आवश्यक होता है.

क्योंकि इनके फल गोल और बड़े होने से पौधों पर अधिक लोड पड़ता है और पौधे गिरने की सम्भावना अधिक रहती है. तो ऐसी स्थिति में बैंगन के पौधों को सहारा देने के लिए बांस के बम्बू का प्रयोग करना चाहिए.

बैंगन की खेती में सिंचाई

गर्मियों में बैंगन की खेती में पानी की आवश्यकता अधिक होती है. क्योंकि इन दिनों गर्म हवा के कारण पत्तियों द्वारा पानी का वास्पोत्सर्जन वायुमंडल में अधिक होता है. इसलिए बैंगन की खेती में पानी 3-4 दिन के अन्तराल पर हल्की जलभराव करनी चाहिए.

गर्मियों में सिंचाई हमेशा सुबह सूर्योदय होने से पहले या शाम को सूर्यास्त के बाद ही करनी चाहिए क्योंकि दिन में अधिक धुप होने दे पानी गर्म हो जाती है जो पौधों की जड़ों के लिए हानिकारक होती है.

बैगन में फल फूल की दवा

गर्मी में बैगन की खेती से अधिक उपज लेने के लिए बैंगन की फसल में समय-समय पर फल फूल आने की दवा का स्प्रे करना चाहिए. इसके लिए किसान शाइन की 10ml दवा को 15 लीटर पानी में या संजीवनी 30ml दवा को 15 लीटर पानी में घोल तैयार करके 20 दिनों के अन्तराल पर छिड़काव करना होता है. इसके अलावा बैंगन से अधिक पैदावार के लिए हाइब्रिड बैंगन का बीज ही लगानी चाहिए.

कब करें बैंगन की तुड़ाई

सब्जी मंडी यदि किसान के आस-पास ही है तो ऐसी स्थिति में बैगन की तुड़ाई सुबह करके मंडियों में बेच देनी चाहिए. परन्तु यदि मंडी गाँव से बहुत दूर शहर में तो बैंगन की तुड़ाई शाम को ही कर लेनी चाहिए.

गर्मियों के मौसम में बैगन की तुड़ाई 3 दिन के अन्तराल पर करनी चाहिए अधिक देर से तुड़ाई करनी ठीक नहीं होती है. क्योंकि देर से तुड़ाई करने पर बैगन के रंग हल्के होने लगते हैं और मंडियों में इनकी कीमत बहुत कम हो जाती है.

बैंगन की तुड़ाई के बाद स्‍टोरेज कैसे करें

पौधे से बैंगन की तुड़ाई करने के बाद सबसे पहले इनकी अच्छे से छंटाई कर लेनी चाहिए. इसके बाद यदि इन्हें दूर मंडियों में ले जाना हो तो इन्हें जूट की बोरियों में भरकर पानी से भिंगो देना चाहिए. या बैंगन को कागज के मोटे कार्टून में भरकर पैक कर देना चाहिए.

बैंगन के पौधे की देखभाल

पौधे लगाने के बाद brinjal ki kheti से समय समय पर खरपतवार निकालते रहना चाहिए, खेतों में लगे फालतू के घास-फूस से ही अनेक प्रकार के रोग और कीट लगने की सम्भावना होती है. इसके अलावा bagan ki kheti में हमेशा हल्की सिंचाई करें.

अधिक सिंचाई करने से भी बैंगन की फसल में अनेक प्रकार के बैंगन के रोग लगते हैं.

बैंगन में कोई भी रोग लगने पर दवा का छिड़काव जब भी करें अदल-बदल कर करें. इक ही रसायन का बार-बार छिड़काव नहीं करना चाहिए इससे भी तमाम तरह के रोग जैसे- बैंगन की छोटी पत्ती बंझा रोग, उकठा रोग इत्यादि लगते हैं.

बैगन में कीट तथा रोग नियंत्रण

गर्मियों में लगने वाले बैंगन में रोग और कीट अधिक लगते हैं. समय रहते अगर इनकी कीट और रोग से देखभाल ना किया जाय तो इसका सीधा असर बैंगन की पैदावार पर पड़ती है.

हरी मक्खी

इनका प्रकोप पौधे लगने के शुरुआत में ही होता है. ये हरे रंग के बैंगन की हरी पत्तियों के निचे रहते हैं और पत्तियों से रस चूसने का काम करते हैं. जिससे पतीयाँ पिली होकर गिर जाती हैं. इनके रोकथाम के लिए इमिडाक्लोरोपिड 1ml प्रति 15 लीटर पानी में घोल बनाकर शाम के समय छिडकाव करना चाहिए.

सफ़ेद मक्खी

यह बहोत छोटे-छोटे सफ़ेद रंग के होते हैं. यह पत्तियों से रस तो चूसते ही हैं साथ ही वाइरस भी फैलाते हैं. इनसे बैंगन की फसल को बचाने के लिए रोगार 1.5ml प्रति 15 लीटर पानी में घोल तैयार करके स्प्रे करना चाहिए.

लाल माईट

माईट का प्रकोप गर्मियों में ही होता है. यह लगभग सभी तरह की सब्जी वाली फसलों में लगती हैं. ये लाल रंग के बहुत ही छोटे-छोटे होते हैं जो ध्यान से देखने पर ही दिखाई देते हैं. बैंगन की फसल में ये पत्तियों से लेकर शाखाओं ओर मुलायम टहनियों पर रहते है.

ये पौधे से रस चूसने के साथ झाला बना लेते हैं. जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं और पौधे की ग्रोथ भी रूक जाती है. इनसे भी बैंगन की फसलो को बहुत नुकसान होता है. इनसे फसल को बचाने के लिए ओमाईट 2ml प्रति 15 लीटर पानी या सुपर सोनाटा 1ml प्रति 15 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करना होता है.

झुलसा रोग

फसलों में झुलसा रोग उस समय लगता है जब तापमान बहुत हाई होता है या नमी बहुत अधिक होती है. और गर्मियों में तो तापमान गर्म होता ही है. यह फफूंद के कारण होता है इसके प्रकोप से पत्तियां झुलस जाती हैं. इस रोग से फसल को बचाने के लिए मेरिवान 10ml प्रति 15 लीटर पानी या लूना 15ml प्रति 15 लीटर साफ पानी में मिलाकर छिडकाव करना चाहिए.

फल और तना छेदक

फंगन की फसल में यह सबसे खतरनाक बीमारी है. यह एक इल्ली के कारण होता है ये पहले तो बैगन की मुलायम टहनियों में छेड़ करती है उसके बाद जब फल लगते हैं तो उसमे भी छेद करके उनकी क्वालिटी को खराब कर देती हैं. इससे बैंगन की पैदावार पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है.

फल और तना छेदक कीट से बैंगन को बचाने के लिए डेलिगेट 1ml दवा को 15 लीटर पानी या ak-57 1.5ml प्रति 1 टंकी में घोल बनाकर स्प्रे करना चाहिए.

FAQ:

Q: बैंगन कितने दिन में फल देता है?

ANS: मुख्य खेत में पौधे की रोपाई के 50 दिन बाद पौधे फल देने लगते हैं.

Q: गोल बैंगन की सबसे अच्छी किस्म कौन सी है?

ANS: गोल बैंगन की सबसे अच्छी किस्म इंडोअमेरिकन है.

Q: बैंगन कितने कलर का होता है?

ANS: बैंगनी रंग, लाल रंग, सफ़ेद रंग, हरा कलर, काला रंग, हल्की गुलाबी रंग, गहरी गुलाबी रंग के बैंगन होते हैं.

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2 COMMENTS

    • बीज आप अपने नजदीकी कृषि भंडार की दुकान से ले सकते हैं जी.

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