गर्मी में गेंदा फूल की खेती

पुरे साल उगाये जाने वाले गेंदे की खेती से अब किसान भाइयों के आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होने लगा है. गेंदा का फूल की खेती पुरे साल सभी महीने में की जाती है. शादी-विवाह और हिन्दू त्योहारों पर गेंदा फूल का रेट बहुत महंगा हो जाता है. गर्मियों के सीजन में शादियाँ बहुत अधिक होती है. और इस सीजन में इसकी मांग बहुत बढ़ जाती है. इसलिए किसान गर्मी में गेंदा फूल की खेती को अधिक बढ़ावा दे रहे हैं.

यदि उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहाँ के किसान सब्जियों की खेती के साथ-साथ अब genda ka phool की खेती भी करते हैं. क्योंकि यहाँ गर्मियों के मौसम में शादियाँ बहुत अधिक होती हैं. इस सीजन में अधिकाधिक हजारा गेंदा फूल की खेती होती है.

उत्तर प्रदेश के वाराणसी और इलाहबाद इलाके के किसान पुरे साल गेंदे की खेती करते हैं. लेकिन यहाँ के किसान गर्मियों में हजारा गेंदा फूल की खेती बहुत अधिक करते हैं.

गर्मी में गेंदा फूल की खेती

गर्मी में गेंदा फूल की खेती बीज बुआई

यदि किसान भाई गर्मी में गेंदा फूल की खेती करते है तो नवंबर के महीने में गेंदा के बीज की नर्सरी डाल देनी चाहिए. नवंबर में नर्सरी डालने से बीजों का जमाव बहुत अच्छा होता है. बहुत से किसान भाई दिसम्बर में गेंदा के फूल का बीज की नर्सरी डालते हैं. और दिसम्बर में अधिक ठंढ और कोहरा के कारण बीजों में अंकुरण ठीक से नहीं होता है और पौधे भी कमजोर होते हैं.

इस प्रकार यदि नवंबर में हजारा का फूल की नर्सरी डालते हैं तो 15 जनवरी तक पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं

गेंदा फूल की खेती में उर्वरक का उपयोग

गर्मी में गेंदा फूल की खेती करने के लिए किसान भाइयों को सबसे पहले खेत में गोबर की सड़ी खाद या मुर्गियों की खाद 60 किलो यूरिया, 50 किलो DAP और 50 किलो पोटाश प्रति बीघे के हिसाब से अंतिम जुताई के समय मिट्टी में मिलाकर मिट्टी को भुरभुरी बना लेना चाहिए.

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निंदाई – गुड़ाई

मुख्य खेत में गेंदा के पौधे की रोपाई करने के बाद लगभग 15 से 20 दिन के बाद खेतों में छोटे-छोटे खरपतवार निकलने लगते हैं. अतः ऐसी परिस्थिति में खुरपी से खेतों की निंदाई करना थोड़ा मुश्किल होता है. ऐसे में पुरे खेत की कुदाल की सहायता से गुड़ाई कर देनी चाहिए.

गेंदा के पौधों को मिट्टी लगाना

गेंदे के पौधे की नर्सरी से मुख्य खेत में रोपाई करने के बाद खेत की लगभग 2 बार कुदाल से गुड़ाई कर देनी चाहिए. इसके बाद पौधे लगाने के 45 दिन बाद DAP, मोनोजिंक और जैविक खाद को एक साथ मिलाकर सभी पौधों के पास देकर पौधों को फावड़े से मिट्टी लगा देना चाहिए. और यदि नमी न हो तो खेत मिट्टी लगाने के 2 दिन बाद खेत हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए.

गर्मी में गेंदा फूल की खेती में सिंचाई

गर्मियों में तेज धूप तो होती ही है साथ ही तेज हवा के साथ गर्म हवा के रूप में लू भी चलती है. तेज हवा बहने के कारण पौधों द्वारा पानी का वाष्पीकरण बहुत तेजी से होता है. जिस कारण खेत की नमी ख़त्म हो जाती है इसलिए अगर किसान गर्मी में गेंदा फूल की खेती करते है तो हजारा गेंदा फूल की खेती में सिंचाई 3 दिन के अंतराल पर यानि सप्ताह में 2 बार करनी चाहिए.

कुछ किसान भाई सिंचाई जल्दी न करना पड़े इसके लिए वह हजारी फूल की खेती में पानी इतना अधिक भर देते हैं की गेंदे की खेतों में पानी सारा दिन डूबा रहता है. लेकिन किसान भाई यह भूल जाते हैं की अधिक सिंचाई करने से पौधे में फूल तो कम बनते ही हैं साथ ही अधिक समय तक पानी डूबे रहने से जड़ें साँस नहीं ले पाती हैं जिससे पौधे जगह-जगह सूखने लगते हैं. जिसे उकठा रोग भी कहते हैं.

42 डिग्री सेल्सियस खिलेंगे अधिक फूल

गर्मी में जो गेंदा फूल की खेती की जाती है वह हजारे का फूल होता है यह कलकत्ते वाले फूलों की अपेच्छा बहुत बड़े खिलते हैं. हजारा गेंदा के पौधे भी अन्य गेंदा की प्रजातियों की तुलना में बढ़ते हैं. हजारा गेंदा फूल की खेती से फूलों की अच्छी पैदावार के लिए 30 से 42 डिग्री सेल्सियस की आवश्यकता होती है.

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गेंदे के पौधे में ज्यादा फूल कैसे पाएं

  • गेंदा के पौधे से ज्यादा फूल लेने के लिए सबसे पहले तो खेतों को खरपतवार से हमेशा मुक्त रखना चाहिए.
  • समय-समय पर हल्की सिंचाई करनी चाहिए, अधिक जलभराव नहीं करना चाहिए.
  • मुख्य खेत में पौधे लगाने के 25 दिन बाद गेंदे की मेन शाखाओं को चुटक देना चाहिए जिससे अधिक शाखाएं निकलती हैं.
  • पौधों पर 25 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में बोरान का घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए.
  • अधिक फूल के लिए संजीवनी, शाइन, पौषक इन टॉनिक का अदल-बदल कर 12 से 15 दिन पर गेंदा की खड़ी फसल पर छिड़काव करना चाहिए.
  • पौधे को मिट्टी चढ़ाते समय पौधों के पास मोनोजिंक देना चाहिए.

फूलों की तुड़ाई

hazare ke phool की तुड़ाई गर्मियों में 4 दिन के अन्तराल पर जब फूल खिल गए हों तब तुड़ाई करना चाहिए. इन दिनों धुप बहुत जल्द ही निकाल आती है. और गर्म हवा भी सुबह जल्दी चलने लगती है इसलिए गर्मियों में फूलों की तुड़ाई सुबह जल्दी तेज धुप होने से पहले करनी चाहिए.

सुबह के समय फूलों की तुड़ाई करके यदि अच्छे से रखरखाव किया जाय तो hajare ke phool अगले 2 दिन तक ताजे रहते हैं. परन्तु अगर किसी कारण सुबह समय न मिले तो शाम के समय सूर्योदय के बाद गर्मी में गेंदा के फूलों की तुड़ाई करनी चाहिए.

गेंदे में खरपतवार नियंत्रण

खेती चाहे सब्जियों की या गेंदा के फूल की खेती हो इनमे लगने वाले फालतू के खरपतवार से फसलों को काफी नुकसान होता है. खरपतवार खेत में उपास्थित उर्वरकों को अपने और खींचती है जिससे फसल कमजोर हो जाती हैं. खरपतवार लगने से रोग और कीट भी लगते हैं जो genda ki kheti को प्रभावित करते हैं.

इसलिए अगर हजारा गेंदा फूल की खेती में खरपतवार लगे हों तो खुरपी से निकाल देना चाहिए. गेंदा की फसल से घास निकालते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए की घास निकालते समय पौधों के पास सावधानी से खुरपी चलाना चाहिए, ताकि पौधे की जड़ें प्रभावित न हो सकें.

शादी के समय बढ़ जाती है मांग

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में गर्मियों के सीजन में अप्रैल से लेकर जून तक 3 महीने शादियाँ बहुत अधिक होती हैं. और इन दिनों शादी-विवाह में दुल्हे की गाड़ी सजाने के लिए, स्टेज सजाने के लिए, मंडप सजाने के लिए, घरों को सजाने के लिए इत्यादि कार्यों के लिए फूलों की आवश्यकता होती है.

शादी के सीजन में फूलो की मांग इतनी बढ़ जाती है की कभी-कभी फूलों की कमी हो जाती है और फूल उम्मीद दे भी महंगे बिकने लगते हैं. फिर भी गर्मियों में शादी के सीजन में गेंदे की माला प्रति गजरा 10 रूपये से लेकर 25 रुपये या इससे भी महंगे बिकते हैं.

प्रति किलो गेंदा कीमत

मंडियों में गेंदा के फूल फुटकर और माला बनाकर दोनों तरह से बेचे जाते हैं. लेकिन ज्यादातर ब्यापारी गेंदा की माला ही लेना पसंद करते हैं क्योंकि यदि फुटकर फूल खरीदते हैं तो उनको उन फूलों की माला बनाने के लिए पैसे देने होते है.

अब अगर प्रति किलो गेंदा के फूलों के कीमत की बात करें तो गर्मियों में शादियों की डिमांड के अनुसार गेंदा के फूलों की कीमत निचे-ऊपर होती रहती हैं. फिर भी जब शादी के शुभ लग्न तेज होते हैं तो प्रति किलो गेंदा की कीमत 50 रुपये से लेकर 120 रूपये प्रति किलो होती है.

गर्मी में गेंदा फूल की खेती से लाभ

गेंदा के फूलों की खेती सबसे सबसे कम खर्च में किये जाने वाला फूलों की खेती है. और गेंदा के फूलों से जो कमाई होती है वह भी बहुत बम्पर होती है. उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के किसान garmi mein genda phool ki kheti बहुत जोरों से कर रहे हैं. यहाँ तक की ऐसे लोग जिनके पास खेती के लिए भूमि नहीं है. किराये पर भूमि लेकर गेंदा के फूल की खेती कर रहे हैं.

  1. गेंदा के फूल की खेती कम खर्च में अच्छा मुनाफा देता है.
  2. गेंदा फूल की खेती सर्दी, गर्मी और बरसात यानि पुरे वर्ष बहुत आसानी से की जाती है.
  3. खेतों में गेंदा का फूल लगाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति में भी सुधार आता है.
  4. सब्जियों के साथ गेंदा की खेती को भी किया जा सकता है.
  5. इससे किसानों को दोहरा मुनाफा मिलता है.

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इस पोस्ट में क्या है :-

आज के इस आर्टिकल में हमने किसान भाइयों को गर्मी में गेंदा फूल की खेती किस प्रकार करें और फूलों की रोपाई से लेकर निंदाई – गुड़ाई, फूलों की तुड़ाई, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, गेंदा फूल की खेती से लाभ आदि सभी जानकारियों को विस्तार से बताया है.

FAQ:

Q: गेंदा का वानस्पतिक नाम और कुल या फॅमिली नाम?

ANS: गेंदा का वानस्पतिक नाम “Tagetes” है, और इसकी फॅमिली नाम – ‘Asteraceae’ है.

Q: गेंदे के फूल ज्यादा कैसे पाएं?

ANS: अधिक फूल के लिए संजीवनी, शाइन, पौषक इन टॉनिक का अदल-बदल कर 12 से 15 दिन पर गेंदा की खड़ी फसल पर छिड़काव करना चाहिए.

Q: गेंदा फूल की खेती कौन से महीने में की जाती है?

ANS: गेंदा फूल की खेती सर्दी, गर्मी और बरसात पुरे वर्ष की जाती है.

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