खेती में उपयोग होने वाले औजार | tools used in farming

खेती में कृषि यंत्र मशीन का प्रमुख स्थान है, लेकिन यदि किसान प्राचीन तरीके से खेती खेती-बाड़ी का काम करते हैं तो उसमें मशीनों की आवश्यकता नहीं पड़ती है. ऐसे हालात में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों का ही सहारा लेना पड़ता है.

गाँव में रहने वाले किसान आज भी प्राचीन तरीके से ही कृषि कार्य करते हैं, यहां के किसान अपने फसलों की देखरेख आज भी आधुनिक ढंग से करते चले आ रहे हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि गांव में रहने वाले किसानों के पास या तो बहुत अधिक खेती करने योग्य भूमि नहीं होती या खेती में काम आने वाली मशीन का खर्च नहीं दे सकते.

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको कुछ ऐसे खेती में उपयोग होने वाला यंत्र के बारे में बताने जा रहे हैं जो सभी किसान भाइयों के पास होना अनिवार्य होता है.

खेती में उपयोग होने वाले ojar के नाम

  • खुरपी
  • हँसुआ
  • फरसा
  • कुदाल

कृषि औजार और उनके उपयोग

खुरपी का उपयोग

इसे देशी खुरपी भी कहा जाता है, इससे खड़ी फसलों में घास या फालतू के खरपतवार की निंदाई/निराई की जाती है. इस देशी यंत्र खुरपी की सहायता से घने से घने फसलों में से फसलों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए एक-एक घास को निकाला जाता है.

इस खुरपी कृषि यंत्र का प्रयोग ऐसे फसलों में किया जाता है, जहां की मिट्टी शख्त और कठोर हो जाती है. जैसे- गाजर, mooli ki kheti, मिर्च, धान, गेहूं, इत्यादि फसलों की पौधों के आसपास. और ऐसे में यदि घास को हाथों के द्वारा निकाला जाए तो वह ऊपर से हो टूट जाती हैं और फिर उस मे से नए शाखाएं निकलकर फसलों की हानि पहुंचते हैं.

हँसुआ या हंसिया

यह यंत्र फसलों की कटाई के लिए उपयोग में लिए जाता है. इसकी मदद से किसान धान की फसल, गेहूं की फसल, ज्वार, bajra ki kheti की फसल इत्यादि फसलों की कटाई करते हैं.

फरसा या फावड़ा का उपयोग

यह देशी यंत्र खेतों की खुदाई और फसलों को मिट्टी चढ़ाने के लिए उपयोग में लिया जाता है. फावड़ा का उपयोग ट्रेक्टर से खेतों की जुताई के बाद खेत के बचे हुए कोनों की खुदाई करने, मिर्च, बैंगन, गेंदा इत्यादि फसलों को मिट्टी चढ़ाने, तथा परती खेतों की खुदाई के साथ-साथ अन्य कार्यों के लिए भी फावड़ा का इस्तेमाल किया जाता है.

इसके साथ ही फावड़ा का उपयोग छोटे किसान ऐसे खेतों की खुदाई करने के लिए करते हैं जहाँ किसानों की खेत में ट्रेक्टर जाने का रास्ता नहीं होता है तो फरसा से ही खेतों की खूदाई करके किसान अगली फसलों की बुआई करते हैं.

कुदाल

इसे बहुत से किसान भाई कुदार के नाम से भी जानते हैं. एक किसान के जीवन में कृषि कार्यों के लिए अन्य कृषि यंत्रों के साथ-साथ कुदाल का भी बहुत महत्व है. कुदाल का उपयोग किसान भाई फसल लगाने के बाद कतार से कतार के बीच की दुरी की गुड़ाई करने, छोटी-छोटी क्यारियों में बीज की बुआई करने, आलू की फसल को गुड़ाई करके मिट्टी चढाने तथा इत्यादि कृषि कार्यों के लिए किसान उपयोग करते हैं.

बहुत से किसान भाई कुदाल का उपयोग बीजों की बुआई के लिए भी किया करते हैं.

FAQ

Q. खेती में कौन कौन से औजार काम में आते हैं?

ANS. खुरपी, हँसुआ, फरसा, कुदाल इत्यादि.

Q. आधुनिक यंत्र जिसका बुवाई में उपयोग होता है कौन सा है?

ANS.  देसी हल या कुदाल.

इन्हें भी पढ़िए

गेंदा फूल की खेती कैसे करे

बैंगन के पौधे की देखभाल

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version