कोकोपीट क्या है | कोकोपीट का उपयोग कैसे करें

राधे-राधे किसान भाइयों मेरे प्यारे किसान मित्रों आज हम आपको बताने जा रहे हैं की कोकोपीट क्या है, कोकोपीट क्या होता है. आपने कोकोपीट का नाम तो सुना ही होगा इसका उपयोग सबसे अधिक सब्जियों के बीजों की नर्सरी तैयार करने में किया जाता है, बारिश के मौसम में मिट्टी में सब्जियों की नर्सरी तैयार करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

कोकोपीट क्या है

और कभी कभार ऐसा भी होता है की किसान भाई मिट्टी में नर्सरी तो डाल देते हैं लेकिन तेज बारिश होने से या इन मौसमों में नमी अधिक होने से नर्सरी में पौधे गलने लगते हैं और देखते ही देखते पूरी नरसरी सुख जाती है ऐसे में अब अधिकांश किसान भाई कोकोपीट का उपयोग करते हैं.

कोकोपीट क्या है

नमस्कार दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे की कोकोपीट के बारे में, दोस्तों आपने तो कोकोपीट का नाम सुना ही होगा. कोकोपीट नारियल का बुरादा होता है जो नारियल के रेशों और छिलकों से बनाया हुआ एक प्रकार की कृत्रिम पोषक तत्व होती है जो पौधों के विकास के साथ-साथ अधिक पैदावार के लिए सहायक होती है.

घर पर कोकोपीट बनाने की विधि | कोकोपीट घर पर कैसे बनाएं

घर पर कोकोपीट बनाने के लिए सबसे पहले आपको नारियल के छिलकों की जरुरत पड़ेगी.नारियल के छिलके आपको मंदिरों पर मिल जायेंगे क्योंकि ऐसे स्थानों पर बहुत से लोग पूजा करने के बाद नारियल फोड़ते हैं और उनके छिल्कों को फेंक देते हैं.

नारियल के छिलकों को लेने के बाद किसी तेज धारदार कांची या किसी कटर से इनके छोटे-छोटे टुकड़े लगभग आधी इंच से भी कम कर लें. इसके बाद मिक्सर मशीन से इसे बारीक कर लें. मशीन से पिसे हुए इन नारियल के बुरादों को निकाल लें और ये आपका बाजार के जैसा कोकोपीट बनकर तैयार हो जायेगा.

कोकोपीट का उपयोग कैसे करें

स्वस्थ पौधों के विकास के लिए काफी सारे पोषक तत्वों की आवयश्कता होती है. और लगभग यह सभी आवश्यक पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से नारियल के रेशों में भी पाए जाते हैं. कोकोपीट का उपयोग आप गमलों में पौधे लगाने के लिए, प्रो-ट्रे में सब्जियों की नर्सरी तैयार करने के लिए, ग्रीन बैग में भरकर पौधे लगाने या छोटी-छोटी क्यारियों में कोकोपीट डालकर होम गार्डन, किचन गार्डन इत्यादि के लिए किया जाता है.

खेत की मिट्टी की तरह कोकोपीट में भी सब्जियां, नर्सरी, बागवानी की जाती है. मिट्टी की तुलना में इसमे जल धारण की क्षमता बहुत ही अधिक होती है. और ये हल्का होने के कारण इसमें पौधों की जड़ों का विकास भी अधिक होता है, और पौधे हमेशा स्वस्थ रहते हैं.

कोकोपीट के फायदे(benefits of using cocopeat)

  • कोकोपीट mitti ke liye इसलिए फायदेमंद होता है की दोनों का मिश्रण होने से mitti कठोर नहीं होने पाती है. और मिट्टी मुलायम रहती है जिससे जड़ों का विकास अच्छा होता है.
  • मिट्टी में कोकोपीट मिलाने से गमले की मिट्टी में कीड़े और बीमारियाँ की समस्या नहीं रहती है.
  • cocopeat ka use करने से गमले के पौधे में सिंचाई कम करनी पड़ती है.
  • गमले की मिट्टी में बालू और कोकोपीट मिला देने से यह गमले के लिए खाद(gamle ke liye khad) के रूप में पौधों को पोषक तत्व देने का काम करता है.
  • कोकोपीट का उपयोग प्रोट्रे में बीजों की नर्सरी डालने के लिए भी होता है.
  • कोकोपीट प्राकृतिक रूप से एंटी-फंगल और 100% ऑर्गैनिक जैविक पदार्थ होता है, इसलिए गमले में उगने वाली सब्जियां या बीजों की नर्सरी दलने से इसमें यानि फंगस लगने की सम्भावना नहीं होती है.
  • कोकोपीट कई तरह के पोषक तत्व जैसे- फॉसफोरस, मैगनीशियम, कॉपर, नाइट्रोजन, पोटैशियम इत्यादि तथा न्यूट्रीशन पाए जाते हैं इसलिए गमले के लिए खाद की जरूरत नहीं पड़ती.
  • कोकोपीट में पौधों की जड़ों को उचित हवा का संचरण होता रहता है.

कोकोपीट कहां से खरीदें

यदि आप ऑफलाइन कोकोपीट खरीदना चाहते हैं तो आपको आपके क्षेत्र में किसी भी कृषि की दुकान पर बहुत आसानी से मिल जायेंगे. इसके अलावा अगर आप घर बैठे ऑनलाइन कोकोगार्डन, कोकोपीट खरीदना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करके अपने घर मंगवा सकते हैं.

कोकोपीट बनाने की मशीन

कोकोपीट बनाने के लिए आपको अनेक प्रकार के छोटी-बड़ी मशीने मिल जायेंगी. लेकिन यदि आप कोकोपीट का व्यवसाय करना चाहते हैं तो आप बड़ी मशीनों को ले सकते हैं परन्तु अगर आप कोकोपीट घर पर केवल अपने लिए बनाना चाहते हैं तो मशाला पिसने वाली miksi machine ले सकते हैं.

FAQ

Q. कोकोपीट क्या काम आता है?

ANS. कृषि की दृष्टि से कोकोपीट का उपयोग सबसे अधिक नर्सरी उगाने के काम आता है.

Q. कोकोपीट कितने का मिलता है?

ANS. प्रति किलो कोको पीट कीमत लगभग 25 से 35 रूपये होती है.

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