उस्मानाबादी बकरी पालन व्यवसाय | osmanabadi breed of goat

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वर्तमान समय की बात करें तो बकरी पालन का व्यवसाय काफी तेजी से हो रहा है. बकरी पालन का व्यवसाय करने से किसानों को दोहरा मुनाफा मिलता है, क्योंकि bakri palan करने से मांस और दूध दोनों मिलता है. यदि कोई भी किसान खेती-बाड़ी के साथ गाँव में बकरी पालन करते हैं तो यह आपके लिए कमाई का दूसरा बहुत अच्छा जरिया बन सकता है.

उस्मानाबादी बकरी पालन व्यवसाय

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको ओस्मानाबादी बकरी पालन(osmanabad bakri palan) के बारे में बताने जा रहे हैं. आशा करता हूँ की यह जानकरी आपको अच्छी लगेगी.

उस्मानाबाद लाईव्ह | usmanabadi goat

बकरी नस्लेंउस्मानाबादी बकरी(osmanabadi goat breed)
इसका कोई अन्य नामकोई नहीं
नस्ल का प्रमुख उद्देश्यमांस उत्पादन
नस्ल का आकारमीडियम से थोड़ा बड़ा
रंग-रूपकाला रंग, भूरा, सफेद या धब्बेदार
उस्मानाबाद नर का वजन 2 वर्ष में55 से 65 किलो अधिकतम
उस्मानाबाद मादा का वजन 2 वर्ष में45 से 55 किलो अधिकतम
गर्भकाल की लंबाई148-150 दिन
एक बच्चे देने का औसत 30%
तीन बच्चे देने का औसत15%
जुड़वां बच्चे देने का औसत50%
प्रतिदिन दूध की क्षमता1 लीटर/दिन
औसत उम्र12 वर्ष
उस्मानाबाद नर बकरे की कीमत12,500 का एक बकरा
कहा पाया जाता है महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में

उस्मानाबादी बकरी पालन से लाभ

  • उस्मानाबादी बकरी दूध उत्पादन और मांस उत्पादन दोनों के लिए उपयुक्त है.
  • osmanabadi bakri के मांस की मांग बहुत अधिक होती है.
  • दूसरी प्रजाति की तुलना में उस्मानाबादी बकरी के नस्लों का गर्भकाल 5 महीने का होता है.
  • इन नस्लों के बकरीयों के खाने और देखभाल पर अधिक खर्च नहीं लगता है.
  • ओस्मानाबादी बकरी की यह नस्ल प्रतिदिन 4 महीने तक 0.5 से 1.5 लीटर दूध देती है.

उस्मानाबादी बकरियां कहाँ मिलेंगे

इस नस्ल की बकरियां महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में पाई जाती है, इसलिए इस नस्ल को उस्मानाबादी बकरी कहते हैं. इस नस्ल की बकरियां महाराष्ट्र के उस्मानाबाद, तुलजापुर, अहमदनगर, उदगीर, लातूर, सोलनपुर और परभणी के साथ-साथ तेलंगाना, आंध्र प्रदेश जैसे कई अन्य प्रदेशों में भी मिलने लगी हैं.

उस्मानाबादी बकरी की विशेषता | osmanabadi goat characteristics

इस प्रजाति के बकरियों की खानपान एवं रखरखाव पर दुसरे नस्लों की अपेच्छा कम खर्च आता है. इन नस्लों की लम्बाई मध्यम आकार से बड़ी होती हैं. इसलिए इसके पैर भी लम्बे होते हैं. यदि इसके रंगों की बात करें तो चित्तीदार, भूरा तथा अधिकतम काले रंग के होते हैं. इस नस्ल के नर बकरे का वजन लगभग 32 किलो होता है, तथा मादा बकरी का वजन 30 किलो तक होती है.

ओस्मानाबादी बकरी क्या खाती है

अन्य बकरियों और पशुओं की तरह ओस्मानाबादी बकरी भी सभी तरह के चारा खाती है. जैसे- नीम, आम,महुआ, अमरुद, आदि के पेड़-पौधे की हरी पत्तियां. गोखरू, करौंदा आदि की झाड़ियाँ. दूब, मोथा, लेदरी, मकोय, इत्यादि घास. बैंगन, टमाटर, मटर, गाजर, गन्ने की पत्तियां, गेंदे का फूल और सब्जियाँ आदि. और नीम की खली, सरसों की खली, मूंगफली की खली, गेहूं, चावल, बाजरा, मक्का, मुंग इत्यादि खाने के शौकीन हैं.

उस्मानाबादी बकरी का वजन | osmanabadi goat weight

उस्मानाबाद बकरी के शुद्ध वजन की बात करें तो एक नर उस्मानाबादी बकरा(नर) का औसत वजन 2 वर्ष की आयु में 55 से 65 किलो और उस्मानाबादी बकरी(मादा) की वजन 2 वर्ष की आयु में 45 से 55 किलो होती है.

FAQS

Q: ओस्मानाबादी दुधारू बकरी कितनी दूध देती है?

ANS: ओस्मानाबादी बकरी की यह नस्ल प्रतिदिन 4 महीने तक 0.5 से 1.5 लीटर दूध देती है.

Q: सबसे ज्यादा दूध देने वाली बकरी की नस्ल?

ANS: bakri ki nasal osmanabadi.

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